चक्रवात 'अर्नब' कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है

चक्रवात 'अर्नब' का असर: छत्तीसगढ़-ओडिशा में भारी बारिश का दौर जारी, कई जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट

Numerous coconut trees bend and sway violently under the impact of fierce gusty winds and heavy rains accompanying Cyclone Arnab at Machilipatnam (File Photo)

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद चक्रवात 'अर्नब' का असर अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके अवशेषों (Remnants) के कारण छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी और मध्य भारत के लिए चेतावनी जारी करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर गहराया संकट

चक्रवात के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ ही मौसम विभाग ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। आईएमडी के महानिदेशक एम. महापात्रा ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।

महापात्रा ने कहा, "ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में तो रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है, जो अधिकतम 55 सेंटीमीटर तक पहुंच गई है।" अगले दो दिनों तक पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्सों और ओडिशा के पश्चिमी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ चुनिंदा जगहों पर तो 20 सेंटीमीटर से अधिक पानी बरसने की आशंका है।

इसके अलावा झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। राजधानी दिल्ली के लिए भी 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

राहत और बचाव कार्य तेज

ओडिशा के बाढ़ प्रभावित इलाकों, खासकर गंजाम जिले में स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मानसून के आखिरी दौर में हुई इस बेमौसम बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनयतोष मिश्रा ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, "हवा की रफ्तार भले ही तेज नहीं थी, लेकिन भारी बारिश के चलते कई जगह जलभराव हो गया है। हमने पहले ही स्थिति भांपते हुए छह जिलों में ओड्राफ (ODRAF) की 18 टीमें तैनात कर दी थीं, जो आधुनिक उपकरणों और नावों से लैस हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक दमकल विभाग, एनडीआरएफ (NDRF) और ओड्राफ के जवान मैदानी इलाकों में तैनात रहकर राहत कार्यों में जुटे रहेंगे। (इनपुट: ANI)

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