दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खड़गे

दिल्ली कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

Congress president Mallikarjun Kharge

नई दिल्ली। रूस एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट खड़गे के खिलाफ शिकायत को खारिज करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहा है। यह पुनरीक्षण याचिका अप्रैल 2023 में कर्नाटक में एक चुनावी रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए भाषण के आरोपों से जुड़ी है।

खड़गे द्वारा दिया गया भाषण आपत्तिजनक

यह आरोप लगाया गया है कि खड़गे द्वारा दिया गया भाषण आपत्तिजनक है। यह पुनरीक्षण याचिका एक आरएसएस सदस्य रविंदर गुप्ता द्वारा तीस हजारी कोर्ट द्वारा 11 नवंबर 2025 को पारित आदेश को रद्द करने के लिए दायर की गई है। विशेष न्यायाधीश रूबी नीरज कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और लिखित प्रस्तुतियां दाखिल करने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 20 नवंबर को आदेश सुनाएगा। रविंदर गुप्ता की ओर से अधिवक्ता गगन गांधी पेश हुए। यह मामला अप्रैल 2023 में कर्नाटक में एक रैली के दौरान कथित अभद्र भाषा से संबंधित है।

आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर विचार करने की आवश्यकता

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर का आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, कोर्ट ने नवंबर 2025 में रविंदर गुप्ता की शिकायत को भी खारिज कर दिया था। 2 अप्रैल 2026 को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना जवाब दाखिल किया। अपने जवाब में उन्होंने न केवल आरोपों से इनकार किया, बल्कि पुनरीक्षण अदालत के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि विशेष अदालत के पास तीस हजारी कोर्ट में एक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर विचार करने का आवश्यक अधिकार क्षेत्र नहीं हो सकता है।

समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप

यह भी कहा गया कि हालांकि विशेष अदालतों के पास सांसदों/विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है, लेकिन यह इस अदालत को पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र प्रदान नहीं करता है क्योंकि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) इसके अधीनस्थ नहीं है। जवाब में कहा गया था कि इसलिए, बीएनएसएस 2023 की धारा 438 के तहत वर्तमान पुनरीक्षण याचिका विचारणीय नहीं है। कांग्रेस प्रमुख पर समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों से इस संबंध में दायर जवाब में इनकार किया गया। इसमें कहा गया था कि 1860 की आईपीसी की धारा 153ए, 153बी, 295ए, 499, 120बी और 34 के तहत किसी भी अपराध का आरोप लगाने का कोई आधार नहीं है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ आपराधिक शिकायत खारिज

पुनरीक्षणकर्ता की शिकायत के साथ-साथ वर्तमान पुनरीक्षण याचिका में कोई दम नहीं है। जवाब में कहा गया था कि इसे खारिज किया जाना चाहिए। तीस हजारी कोर्ट ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक में एक चुनावी रैली में खड़गे द्वारा अभद्र भाषा देने के आरोप वाली आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया था। 29 जनवरी 2026 को रूस एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को नोटिस जारी किया था। 11 नवंबर 2025 को तीस हजारी कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया था।

कोर्ट ने संज्ञान लेने से किया था इनकार

कोर्ट ने संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था और शिकायत को खारिज कर दिया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अप्रैल 2023 में कर्नाटक के नरेगल में एक चुनावी रैली के दौरान खड़गे द्वारा अभद्र भाषा दी गई थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि अभद्र भाषा का कोई अपराध नहीं बनता है। यह बयान किसी समुदाय या धर्म के उद्देश्य से नहीं था।

(इनपुटः ANI)

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