ईशा फाउंडेशन मानहानि केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने Google LLC को 44 और वीडियो हटाने का दिया आदेश
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन के मानहानि के केस में गूगल LLC और दूसरे डिफेंडेंट को 39 छोटे वीडियो और पांच इंग्लिश वीडियो हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने पहले के अंतरिम ऑर्डर में बदलाव करते हुए यह साफ किया है कि ये वीडियो भी हटाने के निर्देशों के तहत आते हैं।
19 मार्च के अंतरिम आदेश में किया गया संशोधन
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने यह ऑर्डर ईशा फाउंडेशन की उस अर्जी को मंजूरी देते हुए दिया जिसमें कोर्ट के 19 मार्च के ऑर्डर में बदलाव की मांग की गई थी। इस ऑर्डर में मानहानि वाले कंटेंट के पब्लिकेशन पर रोक लगाई गई थी और कुछ वीडियो और आर्टिकल हटाने का निर्देश दिया गया था।
मानहानिकारक कंटेंट पर रोक जारी रहेगी
कोर्ट ने डिफेंडेंट नंबर 1 और 3 को पहले के ऑर्डर में बताए गए विवादित वीडियो और आर्टिकल, साथ ही केस के पैराग्राफ 10 में बताए गए 39 छोटे वीडियो और पांच इंग्लिश वीडियो हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने डिफेंडेंट नंबर 2 और 3 पर अगली सुनवाई तक ऐसा कोई भी मानहानि वाला कंटेंट बनाने, पब्लिश करने, अपलोड करने या शेयर करने पर रोक को भी बरकरार रखा है।
फाउंडेशन की दलील और विरोध
ईशा फाउंडेशन ने कोर्ट को बताया कि पहले के ऑर्डर में निषेधाज्ञा आवेदन में बताए गए वीडियो का जिक्र था, लेकिन उसमें खास तौर पर 39 छोटे वीडियो और पांच इंग्लिश वीडियो शामिल नहीं थे, जो शिकायत में लिस्टेड थे, जबकि उनमें एक ही कंटेंट था। डिफेंडेंट्स ने इस दलील का यह तर्क देते हुए विरोध किया कि फाउंडेशन असल में पहले के ऑर्डर का रिव्यू मांग रहा था और अंतरिम निषेधाज्ञा का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
कोर्ट की टिप्पणी और आगामी सुनवाई
हाई कोर्ट ने माना कि हालांकि एप्लीकेशन को स्पष्टीकरण मांगने वाला बताया गया था, लेकिन यह असल में मॉडिफिकेशन के लिए था। हालांकि, उसने पाया कि अतिरिक्त वीडियो पहले से ही ओरिजिनल निषेधाज्ञा आवेदन से जुड़े हुए थे क्योंकि उसमें शिकायत का रिलेवेंट हिस्सा शामिल था। कोर्ट ने कहा कि उसके पहले के ऑर्डर को पूरी तरह से लागू करने के लिए मॉडिफिकेशन जरूरी था और उसने एप्लीकेशन को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मौजूदा ऑर्डर को उसके 19 मार्च के ऑर्डर के साथ पढ़ा जाए और मामले को 5 अगस्त को रोस्टर बेंच के सामने लिस्ट किया। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI) यह भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक राजू कुमार सिंह की सजा निलंबित की, जश्न में फायरिंग से मौत का मामला