सीजेआई सूर्यकांत बोले- सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली हाईकोर्ट से विशेष संबंध, यह उठाता है असमानुपातिक बोझ
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के 60वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने यहाँ के जजों और वकीलों की कार्यकुशलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह अदालत बौद्धिक संपदा और मध्यस्थता केंद्र के क्षेत्र में देश की अग्रणी अदालत रही है।
सुप्रीम कोर्ट पर घटता है बोझ
CJI सूर्य कांत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के बीच एक विशेष रिश्ता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के भारी बोझ को काफी हद तक कम करता है। कई बार जब कोई मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आता है, तो हम वकीलों को याद दिलाते हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट बिल्कुल पास ही है। इसकी विशेष आईपी डिवीजन ने देश और विदेश में अपने फैसलों की गुणवत्ता से खास ख्याति अर्जित की है।
बेहतर कैंटीन और जजों का आत्मविश्वास
समारोह में शामिल हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर हाईकोर्ट का अपना एक अलग व्यक्तित्व होता है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन का खाना किसी भी अन्य उच्च न्यायालय, यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि यहाँ के जजों में अद्भुत आत्मविश्वास होता है और जब वे सुप्रीम कोर्ट आते हैं, तो वही आत्मविश्वास अपने साथ लेकर आते हैं।
मौजूद रहे कई दिग्गज कानूनी चेहरे
इस भव्य आयोजन के दौरान जस्टिस डीके उपाध्याय, जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संदीप सचदेवा मौजूद रहे, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया। इसके अलावा पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना, एएसजी चेतन शर्मा और दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. हरिहरन ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने जस्टिस एचआर Khanna सहित संस्था के ऐतिहासिक योगदान को याद किया और कहा कि संस्थानों की पहचान मुश्किल समय में उनके द्वारा किए गए कार्यों से होती है।
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