जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी पर हमला, यूनिफॉर्म फाड़ने का आरोप; 3 FIR दर्ज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तीन FIR दर्ज की हैं। इस बीच, ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल ने अंकित कसाना ने गुरुवार को आरोप लगाया है कि बुधवार को जंतर-मंतर के पास विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया और उनकी यूनिफॉर्म फाड़ दी।
कॉन्स्टेबल अंकित कसाना पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में तैनात हैं और उन्हें इंडिया ब्लॉक के सांसदों के प्रदर्शन के बाद जंतर-मंतर के पास भीड़ नियंत्रण के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। सुरक्षाकर्मियों द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद स्थिति बिगड़ गई थी।
कांस्टेबल ने क्या आरोप लगाया?
मीडिया से बात करते हुए कांस्टेबल कसाना ने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस समर्थकों ने रास्ता रोक दिया और कार के सामने लेट गए। कसाना ने ANI को बताया, “कल करीब 6:30 बजे, जब हम अपने ड्यूटी पॉइंट पर थे, तो वहां हिरासत में लेने की कार्रवाई चल रही थी। हमें अचानक पता चला कि राहुल सर को हिरासत में लिया गया है। हमें उनकी कार को सुरक्षित निकालना था क्योंकि ये लोग हमें वहां से नहीं निकलने दे रहे थे। कभी वे कार के सामने लेट जाते, तो कभी कार रोककर उसे धक्का देते। जब हम कार मोड़ने की कोशिश कर रहे थे, तो एक प्राइवेट गाड़ी ने रास्ता रोक दिया। हमने देखा कि वहां कुछ कांग्रेस समर्थक थे।”
उन्होंने आगे बताया कि जब राहुल गांधी को हिरासत में लिया जा रहा था, तब करीब 30 से 35 लोगों (महिलाओं और पुरुषों दोनों) ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समूह ने उनके साथ गाली-गलौज की, यूनिफॉर्म फाड़ दी, नाखूनों से खरोंचा और काटा।
उन्होंने कहा, “कुछ नेताओं ने उस कार को हाईजैक करने और जबरदस्ती चाबी छीनने की कोशिश की। उसी समय, मैं वहां पहुंचा और लोगों को हटाया। इस दौरान एक इंस्पेक्टर ने कार को अपने कब्ज़े में लेकर पीछे करना शुरू किया ताकि राहुल गांधी को सुरक्षित निकाला जा सके। जैसे ही उन्होंने देखा कि मैं अकेला हूं और सर अंदर हैं, किसी ने पीछे से मेरा कॉलर पकड़ा, यूनिफॉर्म फाड़ दी और बटन भी तोड़ दिया।”
घटना के बाद कांस्टेबल कसाना को मेडिकल जांच के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, “हम जनता की बहुत मदद करते हैं, और इसीलिए जनता दिल्ली पुलिस पर भरोसा करती है। लेकिन अगर ये लोग उस भरोसे को खत्म करना चाहते हैं, तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। चाहे वे हमें कितना भी परेशान करें या गाली दें, हम गुस्से में नहीं आएंगे और शांति से अपनी ड्यूटी करेंगे।”
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और FIR
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बताया कि विपक्ष के बुधवार के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तीन FIR दर्ज की गई हैं और इस मामले में अन्य केस भी दर्ज किए जा रहे हैं।
यह मामले पुलिस कर्मियों पर कथित हमले, सरकारी काम में रुकावट डालने, धक्का-मुक्की और हाथापाई करने तथा पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। अब तक दर्ज FIR के विवरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम भी शामिल हैं।
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब बुधवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। वे चुनाव आयोग (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
नेताओं की हिरासत
राहुल गांधी उन विपक्षी सांसदों में शामिल थे जिन्हें विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और बाराखंभा रोड पुलिस थाना ले जाया गया। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर उन्हें एक बैरिकेड गेट खोलने की कोशिश करते देखा गया। बाद में उन्हें हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया की ओर हाथ हिलाते और विक्ट्री साइन दिखाते देखा गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को भी हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम पुलिस थाना ले जाया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, INDIA ब्लॉक ने संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) की ओर मार्च करने की योजना बनाई थी, जिसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी या दी गई थी। चुनाव आयोग कार्यालय के पास रोके जाने पर कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने धरना दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए और वहां विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और अड़े रहे कि जब तक सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे नहीं जाएंगे। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा तथा अन्य प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाकर हिरासत में ले लिया।
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