दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को राजौरी गार्डन ऑफिस में बुलाया
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार को अपने राजौरी गार्डन ऑफिस में बुलाया है। यह डेवलपमेंट एक दिन बाद हुआ है जब एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने उनके पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड स्वीकार करने और उनसे शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने के लिए लिखित अंडरटेकिंग लेने के बाद उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी से रिहा करने का आदेश दिया था।
जांच पूरी होने तक 50,000 रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश`
SEM रितु राज ने दोनों नेताओं को जांच पूरी होने तक 50,000 रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उन्हें हर सुनवाई की तारीख पर पेश होने और अपने बॉन्ड और अंडरटेकिंग में बताई गई शर्तों का पालन करने का भी निर्देश दिया। अपने लिखित अंडरटेकिंग में, दास और रांका ने शांति भंग न करने या पब्लिक शांति भंग न करने का वादा किया। उन्होंने यह भी वादा किया कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के अनुसार डीनोटिफाई नहीं किया जाता, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे, और कहा कि भविष्य में कोई भी विरोध संवैधानिक दायरे में किया जाएगा।
मामले को आगे की कार्रवाई 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे
SEM कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश देते हुए कहा, “इस स्टेज पर और ज्यूडिशियल कस्टडी ज़रूरी नहीं लगती, खासकर इस कोर्ट के सामने लिखित अंडरटेकिंग के बाद।” कोर्ट ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को अगली सुनवाई में ज़मानतदारों के बारे में एक वेरिफिकेशन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। मामले को आगे की कार्रवाई के लिए 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे लिस्ट किया गया है, जिसमें दोनों नेताओं और उनके ज़मानतदारों को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, यह तर्क देते हुए कि शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने नेताओं द्वारा कोर्ट के सामने दिए गए बयानों और बाद में मीडिया को दी गई उनकी बातों के बीच कथित अंतर का भी हवाला दिया।
दोनों नेताओं के वकील ने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी
सुनवाई के दौरान, दोनों नेताओं के वकील ने पुलिस द्वारा बताए गए व्यवहार पर कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि इसे दोहराया नहीं जाएगा। दास और रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था, जिसे एक तय विरोध स्थल के रूप में डीनोटिफाई किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वे प्राइवेट जगहों से इलाके में घुसे और शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया। SEM कोर्ट ने साफ़ किया है कि मामले में जांच कानून के मुताबिक जारी रहेगी।
(इनपुट: ANI)
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