जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे करीब 200 और प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस से हिरासत में लिए गए: सूत्र
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिना अनुमति के आयोजित होने वाले जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बिना इजाजत प्रस्तावित जंतर-मंतर मार्च को नाकाम करने के लिए बड़ा प्रशासनिक क्रैकडाउन करते हुए कनॉट प्लेस समेत विभिन्न इलाकों से 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। इनमें 50 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले असामाजिक तत्व भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस इलाके से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे करीब 200 और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि आयोजकों को पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, इसके बावजूद लोग इकट्ठा होने की कोशिश कर रहे थे।
मुंबई से आए कार्यकर्ता का तानाशाही का आरोप
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने मुंबई से दिल्ली पहुंचे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही रोक लिया गया। दिपके ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके सहयोगियों को फ्लाइट से उतरते ही हिरासत में ले लिया।
वीडियो में अभिजीत दिपके ने कहा, "आप देख सकते हैं कि दिल्ली पुलिस हमें गिरफ्तार करने के लिए प्लेन के अंदर घुस रही है। हम अभी-अभी लैंड हुए हैं और पुलिस अधिकारी विमान के aisle (गैलरी) में खड़े हैं। यह नरेंद्र मोदी का डर है। ऐसा तो इंदिरा गांधी ने आपातकाल के दौरान भी नहीं किया था। हम सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन वे हमें अपराधियों की तरह फ्लाइट से उठा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "देश किस दिशा में जा रहा है, आप देख सकते हैं। यह सरासर तानाशाही है। आइए, हमें गिरफ्तार कीजिए। हम गिरफ्तारी देने ही आए हैं, हम आपसे डरते नहीं हैं।"
CJP लीगल हेड का अवैध हिरासत का दावा
उधर, CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी पुलिस पर बिना किसी वारंट या नोटिस के हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि जब वे अपनी कार से घर से निकलने की कोशिश कर रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
रत्ना सिंह ने वीडियो में कहा, "पुलिस सुबह-सुबह मेरे घर पहुंची। जब हमने उनसे कोई आधिकारिक नोटिस या नोटिफिकेशन मांगा, तो उनके पास कुछ नहीं था। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि 'हमें ऊपर से आदेश हैं और आपको डिटेन करना है।' मुझे नहीं पता कि यह 'ऊपर' कौन सा आदेश है। वे मुझसे कार से बाहर निकलने को कह रहे हैं ताकि मुझे घर में ही नजरबंद किया जा सके। मैं कार से बाहर नहीं निकल रही हूं और वे रास्ता नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे मुझे सड़क पर ही अवैध रूप से हिरासत में रख दिया गया है।"
CJP ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह भी दावा किया कि कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया है। संगठन का आरोप है कि सरकार सवाल उठाने वाले युवाओं से घबरा रही है और इसलिए इस तरह के कदम उठा रही है।
20 जोनों में बंटी नई दिल्ली, स्टेडियम बने अस्थायी जेल
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले को 20 ऑपरेशनल जोनों में बांट दिया है। संदिग्धों और प्रदर्शनकारियों को रखने के लिए हर जोन में समर्पित डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राजधानी के प्रमुख स्टेडियमों को भी अस्थायी डिटेंशन सेंटरों में तब्दील कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य मार्च से पहले ही शहर के अलग-अलग प्रवेश बिंदुओं और इलाकों से आ रहे करीब 500 लोगों को ऐहतियातन हिरासत में लिया गया था। इनमें से 50 लोग ऐसे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया, "आपराधिक पृष्ठभूमि वाले असामाजिक तत्वों को इसलिए पकड़ा गया है ताकि वे कानून-व्यवस्था भंग न कर सकें या भीड़ को भड़का न सकें।" (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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