राहुल गांधी के विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन चोट मामले में FIR की दर्ज
नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पैलेट गन से चोट लगने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत FIR दर्ज की। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साहिल लोचव की शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया था। मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच भी राजनीतिक बयानबाजी हुई।
पैलेट गन मामले में FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पैलेट गन से लगी चोट के मामले में FIR दर्ज की। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत दर्ज किया गया है। FIR दर्ज होने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पैलेट गन से घायल साहिल लोचव की शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया था। साहिल ने दावा किया था कि उनकी शिकायत पर अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है।
राहुल गांधी पहुंचे संसद मार्ग थाना
राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उनकी बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई नेता उनके साथ मौजूद रहे। कांग्रेस के अन्य सदस्य भी पार्टी की मांग के समर्थन में थाने के बाहर जुटे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने AIIMS की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे हैं, जिनमें तीन उनकी आंख में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है और दिल के पास मौजूद कुछ छर्रों को हटाया नहीं जा सकता।
जब तक FIR नहीं होगी, नहीं हटेंगे
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया तो फिर यह किसने किया। राहुल गांधी ने इसे अपराध बताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बताया था कि उसे 'ऊपर से आदेश' मिला है और वह FIR दर्ज नहीं कर सकती। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, वे वहां से नहीं हटेंगे और उनकी मांग सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की है।
साहिल लोचव ने बताई अपनी शिकायत
पैलेट गन से घायल होने का दावा करने वाले साहिल लोचव ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में कहा कि 20 जुलाई को उन पर पैलेट गन से हमला किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में AIIMS रेफर किया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई।साहिल ने कहा कि उनकी आंख की रोशनी अभी भी साफ नहीं है। उनके मुताबिक, 14 अगस्त को उन्होंने सात पेज की शिकायत लिखकर अपने वकील को दी थी, लेकिन उस शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई थी।
कांग्रेस ने FIR नंबर देने की मांग की
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी की मांग स्पष्ट है कि FIR दर्ज की जाए और उसका नंबर दिया जाए। उन्होंने कहा कि साहिल ने पुलिस द्वारा पैलेट गन के कथित गैर-कानूनी इस्तेमाल को लेकर FIR दर्ज करने की मांग की है। जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी इसी मांग को आवाज दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई FIR दर्ज होने तक पार्टी के नेता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से नहीं हटेंगे और उनका विरोध संविधान के अनुसार है।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर राहुल गांधी के धरने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 20 जुलाई की घटना का पहले ही संज्ञान ले चुका है और एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी गठित कर चुका है।
नड्डा ने राहुल गांधी के विरोध को "कैमरा-केंद्रित ड्रामा" और "सस्ती, ध्यान खींचने वाली राजनीति" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश है।
'वंदे मातरम' मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस को 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी इस प्रदर्शन के जरिए उस मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को तिरंगे के आकार का केक काटते हुए देखे जाने को लेकर पार्टी की आलोचना हो रही है। उन्होंने कहा कि इस कथित शर्मिंदगी से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी ने नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बनाई पांच सदस्यीय समिति
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ज्यादती और प्रदर्शनकारियों की हिंसा के आरोपों की तथ्य-जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी (HPEC) का गठन किया। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी करेंगे।
कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायमूर्ति शालिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व DGP एलआर बिश्नोई शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि समिति प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों की ओर से उठाई गई विभिन्न शिकायतों की जांच करेगी। (Source: ANI)
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