दिल्ली पुलिस ने X को लिखा पत्र, संवैधानिक प्रमुखों पर कथित आपत्तिजनक सामग्री हटाने की मांग
नई दिल्ली,(भारत)। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है कि प्लेटफॉर्म पर संवैधानिक प्रमुखों को निशाना बनाकर "अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री" प्रसारित की जा रही है। पुलिस ने एक्स से प्लेटफॉर्म से कथित पोस्ट/वीडियो को तुरंत हटाने और उस एक्स अकाउंट के धारक का पूरा नाम, पता, संपर्क विवरण और ईमेल आईडी सहित पंजीकरण विवरण प्रदान करने को कहा है, जिससे सामग्री पोस्ट की गई थी।
प्लेटफॉर्म से भविष्य की जांच के लिए संबंधित विवरण सुरक्षित रखने का अनुरोध
पुलिस ने अकाउंट के लॉगिन और लॉगआउट विवरण, समय और तारीख के साथ-साथ जांच में सहायक कोई भी अन्य प्रासंगिक जानकारी भी मांगी है। प्लेटफॉर्म से भविष्य की जांच के लिए कथित पोस्ट/वीडियो से संबंधित विवरण सुरक्षित रखने और भारतीय सुरक्षा अधिनियम (बीएसए) की धारा 63(4) के तहत प्रमाण पत्र प्रदान करने का भी अनुरोध किया गया है। इससे पहले, 27 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को निर्देश दिया था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियों वाले पोस्ट और वीडियो हटा दें। ये पोस्ट जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनों और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च से जुड़ी हिंसा के दौरान अपलोड किए गए थे।
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग
अधिकारियों ने बताया, कि दिल्ली पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों और उसके बाद हुई हिंसा के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कई पोस्ट सामने आए। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीम इस तरह की सामग्री की पहचान करने के लिए लगातार ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की जांच कर रही है। आपत्तिजनक पोस्ट मिलने पर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोटिस जारी कर सामग्री हटाने का निर्देश दिया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा वाले कई भद्दे कमेंट और वीडियो पुलिस द्वारा जारी नोटिस के बाद हटा दिए गए हैं।
जंतर-मंतर से संसद की ओर किया था मार्च
निगरानी जारी है और साइबर और सोशल मीडिया टीमें प्रदर्शनों से संबंधित ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि अतिरिक्त आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह घटनाक्रम 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च को लेकर बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच सामने आया है। इस मार्च के दौरान, NEET और CBSE परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्र जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करते हुए सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए थे। (ANI)
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