NEET-UG पेपर लीक विवाद: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या कहा
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित में पद छोड़ रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के युवा भ्रम के जाल में न फंसें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में, प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र से अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख किया और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा क्षेत्र से पुराना जुड़ाव और राष्ट्र निर्माण
प्रधान ने कहा, "चार दशकों से अधिक समय से, मैं छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के कार्यों से जुड़ा रहा हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।" NEET-UG विवाद को याद करते हुए, प्रधान ने कहा कि 3 मई की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।
परीक्षा में अनियमितताएं और सीबीआई जांच
उन्होंने कहा, "हालांकि, 3 मई, 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। भारत सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया, जांच सीबीआई को सौंप दी, परीक्षा रद्द कर दी और पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित कर दी। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष से परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।"
20 लाख छात्रों के भविष्य की सुरक्षा
संबलपुर के सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पुनर्परीक्षा प्रक्रिया के दौरान 20 लाख से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा की जाए। प्रधान ने कहा, "इस दौरान, हमारी मुख्य चिंता यह सुनिश्चित करना था कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित हो। पहले दिन से ही मैंने स्थिति की जिम्मेदारी ली और कभी भी इससे पीछे नहीं हटा। मेरा संकल्प था कि हम परीक्षा विवाद के कारण किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचने देंगे।"
NEET-UG परिणाम और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश
उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणामों में कई मेधावी छात्रों की सफलता दिखी, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्र भी शामिल थे। उन्होंने कहा, "16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों ने भी सफलता हासिल की। हालांकि, इस अवधि के दौरान, जिम्मेदारी के पदों पर आसीन कई लोगों ने बाधाएं पैदा करने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे मुझे गहरा दुख हुआ।"
विरोध-प्रदर्शन और देश-विरोधी ताकतों से सतर्कता
अपने इस्तीफ़े की वजह बताते हुए प्रधान ने कहा कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों का फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए और ज़ोर दिया कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा, "पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने मुझे दुखी किया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है। मेरा संकल्प है कि हम देश की युवा शक्ति को भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे। जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति पैदा हुई है, उसका फ़ायदा देश-विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है।"
पीएम मोदी का आभार और राष्ट्र सेवा का संकल्प
प्रधान ने उन्हें शिक्षा मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। राष्ट्र की सेवा करना मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैं इसके प्रति सदा समर्पित रहूंगा।"
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया है। हालांकि यह भी साफ किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभिजीत दीपके ने कहा, "कहा जाता था इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" उन्होंने यह भी नोट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला इस्तीफा है, और कहा, "हमने यह कर दिखाया है।"
अभिजीत दीपके का दो टूक ऐलान
प्रदर्शन स्थल के दृश्यों में केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों को खुशी से जश्न मनाते हुए देखा गया। दीपके ने जानकारी दी कि पार्टी की बाकी दो प्रमुख मांगों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना और लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिस कर्मियों का इस्तीफा शामिल है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' दी जानकारी
CJP ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "यह लोकतंत्र है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हमारी दो और मांगें हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। दूसरा, 20 तारीख को जिन पुलिस वालों ने आंदोलनकारियों पर एक्शन लिया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।"
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और नया सख्त कानून
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम देश भर में हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच और जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद सामने आया है। इस बीच, केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए एक कड़ा कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून के तहत देश भर में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए स्पेशल फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) बनाने के साथ-साथ कई अन्य अहम प्रावधान भी किए जाएंगे। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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