गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रदर्शन की कोशिश पर DSGMC प्रमुख का AAP पर हमला, बोले- ‘यह राजनीति का अखाड़ा नहीं’
नई दिल्ली (भारत)। गुरुद्वारा बंगला साहिब में विरोध प्रदर्शन की कथित कोशिश को लेकर दिल्ली में राजनीतिक विवाद सामने आया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने इस घटना की निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां लोग प्रार्थना और शांति के लिए आते हैं, न कि राजनीतिक प्रदर्शन के लिए। कालका ने परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई और बताया कि प्रदर्शनकारी वहां कैसे पहुंचे, इसका पता लगाने के लिए CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह गुरुद्वारा है, आपकी राजनीति का अखाड़ा नहीं।”
गुरुद्वारा प्रार्थना की जगह है, राजनीतिक अखाड़ा नहीं
हरमीत सिंह कालका ने कहा, “गुरुद्वारा बंगला साहिब को राजनीतिक अखाड़े में बदलने की कोशिशें देखना बहुत दुखद है। यह एक पवित्र संस्थान है, एक ऐसी जगह जहां लोग प्रार्थना करने और अपने दुखों से राहत पाने आते हैं। फिर भी, प्रदर्शनकारियों ने वहां घुसकर प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिससे सिखों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।”
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के भीतर प्रार्थना की जा सकती है, लेकिन विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कालका के अनुसार, जो लोग किसी मुद्दे पर प्रदर्शन करना चाहते हैं, उन्हें संसद के बाहर या उन लोगों के सामने विरोध जताना चाहिए जिनके खिलाफ वे प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुरुद्वारा परिसर में पुलिस की मौजूदगी पर भी जताई आपत्ति
DSGMC प्रमुख ने गुरुद्वारा परिसर में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परिसर में पुलिसकर्मियों की आवाजाही से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी दरबार साहिब यानी मुख्य प्रार्थना कक्ष में नहीं गए थे।
कालका ने कहा, “गुरुद्वारा परिसर में पुलिसकर्मियों को घूमते हुए देखना सिख समुदाय के दिलों को दुख पहुंचाता है। वर्दी में पुलिस का गुरुद्वारा परिसर में घूमना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह कोई सार्वजनिक रास्ता नहीं है।”
AAP पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप
हरमीत सिंह कालका ने दिल्ली में AAP विधायकों पर इस घटना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को पंजाब की राजनीति से जोड़ रही है, जबकि ध्यान उन परिस्थितियों पर होना चाहिए जिनमें प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “हालात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और खासकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक इस पर गंदी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं: यह गुरुद्वारा है, आपकी राजनीति का अखाड़ा नहीं। अगर आप यहां ऐसी हरकतें करेंगे, तो गुरु साहिब आपको कभी माफ नहीं करेंगे।”
घटना के वीडियो साझा करने वालों से राजनीतिकरण नहीं करने की अपील
DSGMC अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो साझा करने वालों से भी अपील की कि वे इस मामले को राजनीतिक विवाद में न बदलें। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा का केंद्र गुरुद्वारा परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को बनाया जा रहा है, जबकि उन परिस्थितियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा जिनके कारण पुलिस को वहां पहुंचना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को हटाना पड़ा।
कालका ने कहा कि घटना को समझने के लिए उन हालात पर भी ध्यान देना जरूरी है जिनमें प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने इस पूरे मामले पर चर्चा करने और तथ्यों की जांच करने की बात कही।
CCTV फुटेज की जांच कर रही है DSGMC
हरमीत सिंह कालका ने बताया कि DSGMC गुरुद्वारा परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। समिति विशेष रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रदर्शनकारी विरोध करने के लिए गुरुद्वारे के परिसर में कैसे दाखिल हुए।
उन्होंने कहा, “हम CCTV फुटेज की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और खास तौर पर प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दे पर बात करेंगे कि वे विरोध-प्रदर्शन करने के लिए गुरुद्वारे के परिसर में कैसे दाखिल हुए। हम बैठकर इस पर चर्चा करेंगे; पिछले कुछ दिनों से वहां माहौल तनावपूर्ण है और हालांकि हम ऐसे माहौल में कोई अप्रिय घटना नहीं चाहते, लेकिन इस मामले से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।” कालका ने कहा कि समिति मामले पर विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने तनावपूर्ण माहौल के बीच किसी अप्रिय घटना से बचने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। (Source: ANI)
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