DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा के विरोध में मोतीलाल नेहरू कॉलेज के शिक्षकों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज (सांध्यपाली) के शिक्षकों ने छात्रसंघ (डूसू) चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षकों से कथित मारपीट, हुड़दंग, परिसर में जबरन घुसने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कॉलेज शिक्षक संघ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि बुधवार से शुरू हुआ यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी चिंताओं का पूरी तरह समाधान नहीं किया जाता है।
डूटा और अन्य कॉलेजों का मिल सकता है समर्थन
संगठन के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के प्रतिनिधियों और डीयू के कई अन्य कॉलेजों के शिक्षक भी एकजुटता में इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। एक शिक्षक ने कहा कि प्रशासन या पुलिस कोई कार्रवाई करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, लेकिन ऐसी स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती है। इसलिए, घटना का उचित समाधान होने तक सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। अगले आदेश तक कॉलेज के सभी शिक्षक इस हड़ताल में शामिल हैं और उनकी ओर से सभी शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं।
16 सितंबर की घटना के बाद गरमाया माहौल
यह पूरा प्रदर्शन 16 सितंबर को हुई एक गंभीर घटना के बाद शुरू हुआ है। उस दिन डूसू चुनाव का प्रचार समाप्त होने के दौरान कॉलेज के एक शिक्षक के साथ चुनाव प्रचार कर रहे एक छात्र ने कथित तौर पर मारपीट की थी। इस घटना के बाद शिक्षकों ने कॉलेज में जोरदार प्रदर्शन कर आरोपी छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एक शिक्षक ने आरोप लगाया था कि संबंधित शिक्षक को पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद शिक्षकों ने प्राथमिकी दर्ज कराने और आधिकारिक चुनाव ड्यूटी का भी पूर्ण बहिष्कार करने की बात कही थी।
सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के आचरण पर बढ़ी चिंता
ताजा प्रदर्शन ने डीयू में चुनाव संबंधी गतिविधियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों के अनुचित आचरण को लेकर शिक्षकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। शिक्षकों का साफ कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों के साथ हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। संगठन ने संबंधित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की है तथा अन्य शिक्षकों एवं सभी पक्षकारों से इस आंदोलन में समर्थन देने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि डूसू चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को संपन्न हुआ था, जबकि इसकी मतगणना 19 सितंबर को हुई थी।
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