इबोला वायरस की वापसी से दुनिया में चिंता, भारत ने बढ़ाई सतर्कता
नई दिल्ली। अभी दुनिया कोरोना महामारी से उभरी ही है कि एक ओर वायरस ने दस्तक दे दी है। दरअसल हाल ही में फैले इबोला वायरस को लेकर दुनिया में हड़कंप देखने को मिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा हेल्थ इमरजेंसी के अब भारत में अलर्ट मोड में दिख रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने तैयारियों के निर्देश दिए
इबोला वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में भारत में एक बैठक हुई। इस बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्तरों पर तैयारियां सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। हालांकि भारत में अभी एक भी केस नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इबोला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार ने एहतियातन पूरे देश में तैयारी के निर्देश दिये है। ऐसे में इबोला वायरस को पूरी दुनिया में एक नये संकट के रूप में देखा जा रहा है।
अफ्रीका में पहले हुए बड़े प्रकोप की यादें फिर ताजा
अफ्रीका में 2014-2016 तक इबोला का प्रकोप देखा गया था। तब भी इसी तरह के मामले सामने आए थे जिसके बाद ये वायरस तेजी से पड़ोसी देशों में फैल गया। उस दौरान 28,600 से अधिक लोग इबोला वायरस से संक्रमित हुए थे। वहीं 11,000 से अधिक लोगों ने जान गवाई थी। हालांकि यह प्रकोप आधिकारिक तौर पर साल 2016 में पूरी तरह समाप्त घोषित किया गया था। अब इस महामारी ने दोबारा दस्तक दे दी है और पूरी दुनिया को एक बार फिर संकट में डाल दिया है। हालांकि सही समय पर इसका पता चलने पर संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।
वैक्सीन और जोखिम को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी
वैक्सीन मौजूद होने के बावजूद इसके कई ऐसे वेरिएंट हैं जिस पर मौजूदा वैक्सीन कारगर नहीं है। इसके अलावा इसे एक खतरनाक वायरस की कैटेगरी में भी देखा जाता जिसका मृत्यू दर कोवीड से भी अधिक है। ऐसे में एक बार फिर पूरी दुनिया पर इसके फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि इबोला एक खतरनाक वायरस है लेकिन कुछ सावधानी बरतने से इसके संक्रमण से बचा जा सकता है।
भारत ने एडवाइजरी जारी कर बढ़ाई निगरानी
एक तरफ इबोला वायरस ने दुनिया में दस्तक दे दी है तो वहीं दूसरी ओर भारत भी इस चुनौती से बचने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में भारत ने भारत ने एडवाइजरी जारी की है। साथ ही मंत्रालय ने बताया कि भारत को इस तरह की स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने का पहले से अनुभव है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में बड़ा फैसला, अब मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य