ECI का बड़ा फैसला: SIR ड्यूटी में लगे BLO और सुपरवाइज़र्स को मिलेगा ₹6,000 का विशेष मानदेय
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मंगलवार को कई राज्यों में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में शामिल बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और BLO सुपरवाइज़र्स के लिए ₹6,000 के विशेष मानदेय (honorarium) को मंज़ूरी दी है। ECI के पत्र में कहा गया, "मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया में शामिल काम की मात्रा और प्रकृति को देखते हुए, आयोग ने इस प्रक्रिया में लगे प्रत्येक BLO और BLO सुपरवाइज़र को उनके सालाना वेतन के अलावा ₹6,000 का एकमुश्त मानदेय देने की मंज़ूरी दी है।" इसमें आगे कहा गया कि इस निर्देश को अनुपालन के लिए सभी संबंधितों के संज्ञान में लाया जाएगा।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा निर्देश
यह पत्र आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, दिल्ली (NCT), ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजा गया था। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मई में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के तीसरे चरण (Phase-III) को चरणबद्ध तरीके से आयोजित करने की घोषणा की थी। इसमें 36 करोड़ से ज़्यादा मतदाता शामिल हैं।
जनगणना और मौसम के अनुकूल तैयार की गई योजना
आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक इस प्रक्रिया की योजना जनगणना के चल रहे 'हाउस लिस्टिंग' (घरों की सूची बनाने) के काम के साथ तालमेल बिठाकर बनाई गई है, ताकि फील्ड मशीनरी का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके। इसमें आगे कहा गया, "इन तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने और पहाड़ी/बर्फ़बारी वाले इलाकों में मौसम की स्थिति पर विचार करने के बाद, इन तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा।"
3.94 लाख से अधिक BLOs करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन
चुनाव आयोग ने कहा कि 3.94 लाख से ज़्यादा बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) घर-घर जाकर सत्यापन का काम करेंगे, और गिनती के चरण के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) उनकी मदद करेंगे। ECI ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्रक्रिया सभी की भागीदारी वाली है और इसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी समेत सभी हितधारक शामिल हैं। (भाषांतर: Ravi Pandey | इनपुट: ANI)
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