प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में

शिक्षक भर्ती घोटाला: तमिलनाडु में ED की बड़ी कार्रवाई, 18 जगहों पर छापेमारी

प्रवर्त्तन निदेशालय का लोगो

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तमिलनाडु में शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित हेराफेरी के मामले में 18 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी की कई टीमों ने तड़के चेन्नई, तिरुचिरापल्ली (त्रिची), कोयंबटूर और मदुरै सहित कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जो अब भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की 2017 में दर्ज की गई एफआईआर के बाद की गई है। 

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की

अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में राज्य पुलिस ने 2021 में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने पूर्व एफआईआर और बाद के निष्कर्षों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग प्रावधानों के तहत जांच शुरू की है। ये तलाशी अभियान ईडी द्वारा अपराध की आय का पता लगाने और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन का खुलासा करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है, क्योंकि यह मामला चयन प्रक्रियाओं में हेराफेरी और कुछ व्यक्तियों द्वारा आर्थिक लाभ सहित संदिग्ध कदाचार से संबंधित है। 

पीएमएलए के तहत मामले की जांच कर रही ईडी 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामले में धनशोधन की जांच शुरू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध धन के सृजन और आवागमन की पहचान करना है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के कोच्चि शहर और उसके आसपास के इलाकों में मानव अंग तस्करी के एक कथित मामले के संबंध में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में कई अस्पताल और उनसे जुड़े प्रतिष्ठान शामिल थे, जिन पर इस रैकेट से जुड़े होने का संदेह था।

अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामले में भी चलाया तलाशी अभियान

राज्य में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने मामले से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ मिली सूचनाओं के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि ये तलाशी अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़े संभावित धन शोधन की चल रही जांच का हिस्सा थी। एजेंसी ने उन बिचौलियों, चिकित्सा पेशेवरों और दलालों की भूमिका की जांच की, जो कथित तौर पर वित्तीय लाभ के लिए अनधिकृत प्रक्रियाओं की व्यवस्था करने में शामिल थे।