लश्कर-ए-तैयबा के कथित ओवरग्राउंड वर्कर उमर आदिल डा

ED का बड़ा एक्शन, श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा के OGW उमर आदिल डार से जुड़े 4 ठिकानों पर छापेमारी

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नई दिल्ली। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में चार जगहों पर टेरर फंडिंग केस में तलाशी ली। यह केस बैन किए गए टेरर ऑर्गनाइज़ेशन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ओवरग्राउंड वर्कर उमर आदिल डार और उसके साथियों से जुड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ इनपुट्स के आधार पर और पुलिस और दूसरे सिक्योरिटी फोर्सेज़ के साथ मिलकर इन जगहों पर छापेमारी चल रही है।

सबूतों के आधार पर मंगलवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू

जांच से जुड़े अधिकारियों ने ANI को बताया कि "जांच उन आरोपों से जुड़ी है कि उमर आदिल डार बैन किए गए टेररिस्ट ऑर्गनाइज़ेशन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम कर रहा था और ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़ी एक्टिविटीज़ में एक्टिव रूप से शामिल था।" ED के श्रीनगर ज़ोनल ऑफिस ने चल रहे केस की जांच के दौरान मिले कुछ खास इनपुट्स और सबूतों के आधार पर मंगलवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया। आरोप है कि उमर आदिल डार को उसके साथियों के साथ पहले भी बैन किए गए ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़ा काफी कैश और आपत्तिजनक लिटरेचर ले जाते हुए पकड़ा गया था।

सर्च ऑपरेशन अपराध की कमाई का पता लगाने के लिए

जांच में यह भी पता चला है कि उमर आदिल डार पहले भी जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और भारत विरोधी गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल होने के सिलसिले में लगभग चार साल जेल में रह चुका है। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा सर्च ऑपरेशन अपराध की कमाई का पता लगाने, फाइनेंशियल नेटवर्क और फंडिंग चैनलों की पहचान करने, सीमा पार बैठे हैंडलर्स से उनके लिंक का पता लगाने और कथित टेरर फाइनेंसिंग गतिविधियों से जुड़े और सबूतों का पता लगाने के लिए किए जा रहे हैं।

इंट्रा-UT टेरर फाइनेंसिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़

पुलिस ने कहा कि इससे पहले 30 अक्टूबर को, शोपियां पुलिस ने एक इंट्रा-UT टेरर फाइनेंसिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच के बाद 10 कथित आतंकवादी साथियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर आम जनता से चुपके से फंड इकट्ठा कर रहे थे और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों को आसान बनाने के लिए स्थापित फाइनेंशियल नेटवर्क के माध्यम से पैसे का इस्तेमाल कर रहे थे।

(इनपुटः ANI)

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