प्रवर्तन निदेशालय ने कथित फर्जी ITC लाभ और हस्तांत

फर्जी ITC धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्शन, यूपी-हरियाणा में 9 परिसरों पर छापेमारी

ED Raids Nine Premises in Uttar Pradesh and Haryana Over Alleged Fake ITC Fraud

नई दिल्ली (भारत)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में नौ परिसरों पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के कथित धोखाधड़ीपूर्ण लाभ और हस्तांतरण से जुड़े एक मामले के संबंध में तलाशी अभियान चलाया।

धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी

अधिकारियों ने बताया कि ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद तथा हरियाणा के फरीदाबाद स्थित परिसरों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सोमवार तड़के एक आयात-निर्यात कंपनी से जुड़े मामले के संबंध में शुरू किया गया था, जिस पर कथित तौर पर फर्जी चालानों और ई-वे बिलों के माध्यम से फर्जी आईटीसी उत्पन्न करने और हस्तांतरित करने का आरोप है, जबकि वास्तव में माल की कोई आवाजाही नहीं हुई थी।

कई फर्जी और काल्पनिक संस्थाओं के माध्यम से नकद निकासी

अधिकारियों के अनुसार, जांच में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें व्यापक चक्रीय लेनदेन, धन का तेजी से हस्तांतरण और कई फर्जी और काल्पनिक संस्थाओं के माध्यम से नकद निकासी शामिल है। कथित कार्यप्रणाली में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके वास्तविक व्यावसायिक लेनदेन का आभास कराना और आईटीसी का लाभ उठाने और हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाना शामिल था, जबकि वास्तव में माल की कोई आवाजाही नहीं हुई थी।

ईडी की टीमें वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच

अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी अधिकारियों ने 9.63 करोड़ रुपये के आयकर कर (आईटीसी) के फर्जी लाभ और 10.28 करोड़ रुपये के आईटीसी के हस्तांतरण का पता लगाया है। इन कथित लेन-देन से सरकारी खजाने को अनुचित नुकसान हुआ है। ईडी ने कथित धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से प्राप्त धन को पीएमएलए के तहत अपराध की आय माना है। सोमवार को तलाशी के दौरान, ईडी की टीमें वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं ताकि अपराध की कथित आय का पता लगाया जा सके और धन के पूरे लेन-देन का पता लगाया जा सके।

अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच

एजेंसी उन अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्हें कथित आईटीसी धोखाधड़ी से लाभ हुआ हो या जिन्होंने इसमें सहयोग किया हो। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी का उद्देश्य आगे के लाभार्थियों की पहचान करना और संदिग्ध धोखाधड़ी वाले आईटीसी नेटवर्क से संबंधित दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जुटाना है।

आगे की जांच जारी

जांच से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से धन को कैसे स्थानांतरित किया गया और बाद में कैसे निकाला या हस्तांतरित किया गया। ईडी की यह कार्रवाई जीएसटी अधिकारियों द्वारा कथित धोखाधड़ी वाले आईटीसी लेन-देन के संबंध में प्राप्त निष्कर्षों के बाद की गई है और यह मामले के मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं की एजेंसी की जांच का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है। (इनपुटः ANI)

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