नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के

नेपाल लौट रहे पूर्व PM शेर बहादुर देउबा, काठमांडू में भव्य स्वागत की तैयारी

Ex-PM Deuba Returns to Nepal

काठमांडू [नेपाल]: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा करीब पांच महीने विदेश में रहने के बाद गुरुवार को नेपाल लौट रहे हैं। उनकी वापसी ऐसे समय हो रही है जब नेपाली कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर विवाद और कानूनी लड़ाई जारी है। पार्टी के एक गुट ने काठमांडू में उनके भव्य स्वागत की तैयारी की है।

दोपहर में काठमांडू पहुंचेंगे देउबा

80 वर्षीय देउबा के गुरुवार दोपहर काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश शरण महत ने एएनआई को फोन पर बताया कि देउबा अकेले नेपाल लौट रहे हैं। महत ने कहा कि पार्टी को इस समय पूर्व प्रधानमंत्री की जरूरत है और उनकी वापसी से पार्टी की राजनीतिक स्थिति में सुधार होगा।

सितंबर में भीड़ ने किया था हमला

पिछले साल सितंबर में जनरेशन-जेड के विरोध प्रदर्शनों के दौरान देउबा के आवास पर भीड़ ने हमला किया था। उस दौरान तत्कालीन 79 वर्षीय देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद दोनों चिकित्सा उपचार के लिए नेपाल से बाहर चले गए थे। देउबा 26 फरवरी को 5 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले इलाज के लिए सिंगापुर गए थे। बाद में उन्हें हांगकांग में भी देखा गया था।

पार्टी सम्मेलन में शामिल होंगे देउबा

देउबा की नेपाल वापसी नेपाली कांग्रेस के गैर-सत्ताधारी गुट के राष्ट्रीय सम्मेलन के बीच हो रही है। यह सम्मेलन 14 से 16 अगस्त तक काठमांडू में आयोजित किया जाएगा। देउबा शुक्रवार को सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उनके स्वागत के लिए असंतुष्ट गुट पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक झांकी की तैयारी कर रहा है। सम्मेलन में करीब 5,000 पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

नेपाली कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर विवाद

देउबा की वापसी ऐसे समय हुई है जब नेपाली कांग्रेस के भीतर पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर विवाद जारी है। पार्टी के नेतृत्व को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने गगन थापा गुट को आधिकारिक नेपाली कांग्रेस के रूप में मान्यता दी थी। इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका स्वीकार करते हुए मामले को तीन न्यायाधीशों की पीठ के सामने नए सिरे से सुनवाई के लिए भेज दिया। अब इस मामले में आने वाला फैसला पार्टी की आधिकारिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

देउबा की गिरफ्तारी को लेकर भी चर्चा

इस बीच, देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में चिंता है। यह जांच देउबा के नेपाल छोड़ने से पहले ही शुरू हो गई थी। नवंबर में मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने देउबा, उनकी पत्नी, उनके बेटे जयबीर सिंह देउबा और कुछ रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया था। यह आदेश अभी भी लागू बताया गया है।

देउबा ने आरोपों से किया था इनकार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई के बाद देउबा ने 8 अप्रैल को सोशल मीडिया के जरिए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उनके और उनके परिवार की संपत्ति को लेकर भ्रामक और झूठा प्रचार किया जा रहा है। देउबा ने दावा किया था कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए उन्होंने नेपाल के कानूनों के अनुसार अपनी संपत्ति का सही विवरण संबंधित सरकारी अधिकारियों को दिया है।

इंटरपोल रेड नोटिस का अनुरोध भी हुआ था

बलेंद्र शाह सरकार ने देउबा के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध भी किया था, लेकिन वैश्विक पुलिस नेटवर्क ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद 25 मई को सुप्रीम कोर्ट ने देउबा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया था। अब करीब पांच महीने बाद देउबा की नेपाल वापसी से नेपाली कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में नए घटनाक्रम की संभावना बढ़ गई है।

(एएनआई)

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