फारूक अब्दुल्ला ने UN मानवाधिकार आयोग से पीओजेके का दौरा करने की अपील की
श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) का दौरा करने और वहां के लोगों की समस्याओं का आकलन करने का आग्रह किया। इस मुद्दे पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी इस मामले पर बातचीत करने की अपील की है और सवाल उठाया है कि भारत का हिस्सा होने के उनके दावे के बावजूद ऐसी कोई चर्चा क्यों नहीं हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह
अब्दुल्ला ने कहा,"मैंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से क्षेत्र का दौरा करने, वहां की समस्याओं का आकलन करने और उन मुद्दों को हल करने का प्रयास करने का आग्रह किया है। मैंने देश के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी अपील की है, जो दावा करते हैं कि यह क्षेत्र हमारा हिस्सा है, और उनसे पूछा है, कि वे इस संबंध में बातचीत क्यों नहीं कर रहे हैं। मुझे इस मामले पर उनकी ओर से कोई बयान नहीं मिला है।" फारूक अब्दुल्ला की यह प्रतिक्रिया सोमवार शाम को हुई बर्बरता के बाद आई है, जिसमें आंदोलन से जुड़े चश्मदीदों के मुताबिक 14 लोग मारे गए और लगभग दो दर्जन घायल हो गए।
POJK भी हमारा ही है: फारूक अब्दुल्ला
एक वीडियो संदेश में, आंदोलन के प्रमुख सदस्य इम्तियाज़ असलम ने कहा कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया और गोलीबारी में कई युवाओं की जान चली गई। उन्होंने कहा,“आज पाकिस्तान की सेना ने हमारे निर्दोष युवाओं पर गोलियां चलाईं। परिणामस्वरूप, हमारे 14 युवा शहीद हो गए हैं। इनमें आंदोलन के संस्थापक उमर नज़ीर कश्मीरी के छोटे भाई उस्मान नज़ीर भी शामिल हैं। अन्य शहीदों में खैगाला का एक साथी, कोटली शहर का एक, तत्तापानी का एक, बंजा-बासपुर का एक, छोटा गला का एक और हवेली का एक साथी शामिल हैं। कुल मिलाकर, हमारे दो बलूच मित्रों सहित 14 लोग शहीद हुए हैं। लगभग दो दर्जन अन्य घायल हैं।” असलम ने वीडियो संदेश में यह बात कही। संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JAAC) ने दावा किया कि 5 जून से 28 जुलाई के बीच मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है, मृतकों को “शहीद” बताते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
POKJ में कई प्रदर्शनकारी के मारे जाने की खबर
दावा की गई मृतकों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में प्रदर्शनकारी नेताओं ने शिकायत की है कि मौजूदा चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करके नतीजों को प्रभावित किया गया है, जिससे जनता की इच्छा का हनन हुआ है और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं। उन्होंने अधिकारियों पर गिरफ्तारियों, धमकियों और भारी सुरक्षा तैनाती के जरिए राजनीतिक असहमति को दबाने का भी आरोप लगाया है। रावलकोट में हुई हिंसक घटना के बाद पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में अशांति मीरपुर तक फैल गई है। कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आरोप लगाया गया है कि ताजा प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नागरिकों पर गोलियां चलाईं। खबरों के मुताबिक, इस घटना में कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। (एएनआई)
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