राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में एफआईआर दर्ज
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। अयोध्या के राम मंदिर में प्राप्त दान के कथित गबन के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं, जिनमें धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र,अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्र,रमा शंकर मिश्र,सुभाष श्रीवास्तव समेत आधा दर्जन लोगों पर एफआईआर दर्ज,कराई गई है। अयोध्या कोतवाली में राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सपा विधायक ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा
दूसरी विपक्ष की बयानबाजी जारी है। इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास महरोत्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, “अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामला बेहद गंभीर है और राम मंदिर में दान की चोरी का आरोप लगाते हुए एफआईआर लिखने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री को एक दिन भी सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इतनी सुरक्षा और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी चोरी कैसे हुई। इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।”
पूर्व विधायक पवन पांडेय के आरोपों के बाध खुला मामला
यह मांग अयोध्या से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आई है, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर से 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये के बीच दान की गई राशि का गबन किया गया है। आरोपों के मद्देनजर, 14 जून को राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका
इसी बीच, आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक नई याचिका दायर की गई है। याचिका में एफआईआर दर्ज करने और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की गई है, ताकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन से संबंधित कथित लापता धनराशि, वित्तीय अनियमितताओं, कुप्रबंधन और अन्य अवैधताओं की जांच की जा सके। (एएनआई)
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