समाज में सकारात्मक बदलाव पर ध्यान दें : प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा कार्यकताओं से कहा
नई दिल्ली (भारत)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से वोट बैंक की राजनीति के बजाय सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव पर ध्यान देने का शुक्रवार को आह्वान किया। मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रही ‘सेवा यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों से डिजिटल माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष में भारत में शहरों और गांवों के बीच का अंतर काफी कम हुआ है और गांवों के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश की महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
महात्मा गांधी के आदर्शों और समाज सुधार का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम महात्मा गांधी के जीवन को देखते हैं तो पाते हैं कि अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने और स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने के अलावा वह एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ हमेशा काम किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी वोट बैंक की ओर देखने के बजाय सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए लगातार काम करना चाहिए। जो लोग समाज की सेवा करते हैं, उनकी सेवा का सम्मान होना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता कार्य करने वाले लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ‘कुंभ मेला’ स्वच्छता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हुआ।
सेवा यात्रा और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे
मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को वडनगर एवं वाराणसी से दो मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया गया था और इनका समापन सात अक्टूबर को होगा। वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही ये मोटरसाइकिल रैलियां मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 वर्ष पूरा करने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही हैं। गुजरात का वडनगर मोदी का जन्मस्थान है, जबकि उत्तर प्रदेश का वाराणसी 2014 से उनका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें वे संस्कार दिए, जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया और काशी ने उन संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे।
दीनदयाल उपाध्याय के सात सिद्धांतों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने संघ परिवार के विचारक दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने समाज के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सात सिद्धांत बताए थे और ये सिद्धांत भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता में नयी ऊर्जा भरते हैं। उन्होंने कहा कि ये सात सिद्धांत सेवा भाव, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संवाद हैं। मोदी ने कहा, ‘‘हम विकसित भारत का निर्माण करने के बाद ही रुकेंगे। यही भावना सेवा संकल्प यात्रा में दिखाई देती है और यही भावना हर जगह नजर आ रही है।’’
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