देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, राजकोषीय घाटा भी बढ़ा
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, राजकोषीय घाटा भी बढ़ा
फारेक्स रिजर्व में 6.92 अरब डॉलर की कमी, सरकार सोना बेचने पर मजबूर
मुंबई। वैश्विक स्तर पर लगातार जारी उठापटक के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में बीते हफ्ते तेज गिरावट दर्ज की गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार 24 अक्टूबर 2025 को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 6.92 अरब डॉलर घटकर 695.36 अरब डॉलर रह गया है। ऐसा डालर के मुकाबले रूपये के लगातार कमजोर होने के कारण हुआ है।
फारेक्स रिजर्व में गिरावट के साथ ही केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 5.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के मुताबिक, यह 2024-25 को समान अवधि की तुलना में 7.1 फीसदी अधिक है। राजकोषीय घाटा सरकार के खर्च और राजस्व के बीच का अंतर होता है।
विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी के बाद ये पहली बड़ी गिरावट है। इससे पहले के सप्ताह यानी 17 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.496 अरब डॉलर बढ़कर 702.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। उस दौरान यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से गोल्ड रिजर्व के वैल्यूएशन में बढ़ोतरी की वजह से हुई थी।
आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया है कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसका फॉरेक्स बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये लगातार आ रही कमजोरी है। इसे दोबारा थामने के लिए आरबीआई को डॉलर और सोने सहित तमाम विदेशी मुद्राओं को बेचना पड़ा है।
आरबीआई ने बताया कि उसके विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद विकल्पों में लगभग सभी में कुछ न कुछ गिरावट आई है और प्रमुख विदेशी मुद्राओं में 3.86 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई, जो अब 566.54 अरब डॉलर रह गई है। हालांकि देश की अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात ये है कि समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत का आरक्षित भंडार 60 लाख डॉलर बढ़कर 4.608 अरब डॉलर हो गया है। इसका मतलब है कि रिजर्व बैंक जब भी चाहे आईएमएफ से इन पैसों को उधार ले सकता है।
आरबीआई ने कहा कि संबंधित सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 3.01 अरब डॉलर घटकर 105.536 अरब डॉलर रह गया। इसका मतलब है कि रिजर्व बैंक को 35 टन सोना बेचना पड़ गया। पिछले सप्ताह खबर आई थी कि रिजर्व बैंक के पास करीब 808 टन सोना है, जिसकी कीमत 100 अरब डॉलर के आसपास है। हालांकि, रिजर्व बैंक की ओर से 35 टन सोना बेचने के बावजूद इसकी कीमतें बढ़ने से आज भी विदेशी मुद्रा भंडार में 105 अरब डॉलर से ज्यादा की कीमत का सोना है।
रिजर्व बैंक को अपने खजाने से यह सारी संपत्ति इसलिए बाजार में बेचनी पड़ी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है। भारतीय मुद्रा की इस गिरावट को थामने के लिए ही रिजर्व बैंक को डॉलर सहित सोना भी फॉरेक्स बाजार में डालना पड़ा।