FY26-27 में कर्मचारियों को 8.6% से 10.2% तक सैलरी

FY26-27 Salary Hike: अगले वित्त वर्ष में कर्मचारियों की सैलरी 10.2% तक बढ़ने की उम्मीद, EV, IT और FinTech सेक्टर सबसे आग

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नई दिल्ली। देश के नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 (FY26-27) के दौरान देश के विभिन्न उद्योगों में सैलरी ग्रोथ कम से कम 8.6 फीसदी से लेकर अधिकतम 10.2 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया है। प्रतिष्ठित 'TeamLease Jobs and Salaries Primer' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार का वेतन इजाफा मुख्य तौर पर तकनीकी और हाई-ग्रोथ वाले सेक्टरों की अगुवाई में तय किया गया है।

सबसे आगे चल रहे हाई-ग्रोथ और तकनीकी सेक्टर

रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री-वाइड औसत सैलरी हाइक 8.6 फीसदी से 10.2 फीसदी के दायरे में सिमटी रहेगी, लेकिन इसमें भी कुछ ऐसे खास सेक्टर और रोल्स हैं जहां कर्मचारियों को बंपर फायदा मिलने वाला है। इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV और EV इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक (FinTech), हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल्स, तथा पावर एंड एनर्जी जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर इस वेतन वृद्धि की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। इन सेक्टरों में औसत सैलरी इंक्रीमेंट 9.6 फीसदी से 10.2 फीसदी के बीच दर्ज किया जा रहा है।

सैलरी ग्रोथ में आगे निकले देश के ये प्रमुख शहर

बाजार की इस तेजी का असर भौगोलिक रूप से भी साफ नजर आ रहा है। चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरी केंद्र कई सेक्टरों में सैलरी ग्रोथ के मामले में लीड कर रहे हैं। विशेषकर IT सेक्टर की बात करें तो यह कई प्राइमरी हब्स में टॉप-पेइंग इंडस्ट्री बनकर उभरा है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि हैदराबाद में IT सेक्टर 11.7 फीसदी, चेन्नई में 11.5 फीसदी और पुणे में 11.3 फीसदी तक की शानदार वेतन वृद्धि दर्ज कर रहा है।

ऑटोमैटिव और बैंकिंग जैसे अन्य सेक्टरों का हाल

दूसरी ओर, ऑटोमोटिव, रिटेल, बीमा, BPO, FMCG, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स जैसे सस्टेनेबल ग्रोथ वाले सेक्टरों में स्थिति स्थिर बनी हुई है। इन उद्योगों में सैलरी ग्रोथ 8.9 फीसदी से 9.5 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान है। वहीं बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट, टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे ग्रेजुअल ग्रोथ सेक्टरों में थोड़ा संभला हुआ रुख है, जहां इंक्रीमेंट 8.6% से 8.8% के बीच आंका गया है। हालांकि, इन धीमे सेक्टरों में भी साइट इंजीनियर (9.8%) और टेलीकॉलर (9.7%) जैसे विशिष्ट पद अपने सेक्टर के औसत से काफी आगे चल रहे हैं।

इन खास पदों पर मिल रहा है सबसे शानदार वेतन

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही समग्र रूप से वृद्धि मध्यम लग रही हो, लेकिन इंजीनियरिंग, कोर टेक्निकल ऑपरेशंस और कस्टमर-फेसिंग रोल्स की मांग में कोई कमी नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (+11.2%), क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर (+10.9%), IT सपोर्ट एक्जीक्यूटिव्स (+10.3% और सस्टेनेबल सेक्टर में 10.1%), क्वालिटी एश्योरेंस इंजीनियर (+10.2%), साइट इंजीनियर (+10.2% और 10.1%), प्रोजेक्ट इंजीनियर (+10.7%), EHS ऑफिसर (10.1%) और रिलेशनशिप एक्जीक्यूटिव (10.1%) जैसे पदों पर बेहतरीन बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

परमानेंट और टेंपरेरी कर्मचारियों की सैलरी में अंतर

इसके अलावा, रिपोर्ट में परमानेंट और टेंपरेरी (अस्थायी/कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों के बीच मिलने वाले वेतन के अंतर का भी खुलासा किया गया है। टेक और कंजम्पशन इंडस्ट्रीज में यह अंतर कम है, जो मजबूत समानता (parity) का संकेत देता है, जबकि विनियमित उद्योगों में यह गैप अभी भी बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में यह अंतर सबसे कम मात्र 4.2 फीसदी है, इसके बाद पावर एंड एनर्जी में 4.3 फीसदी और फिनटेक में 4.8 फीसदी का अंतर है। वहीं दूसरी ओर, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में यह गैप सबसे अधिक 11.4 फीसदी दर्ज किया गया है, जिसके बाद बीमा (Insurance) में 9.9 फीसदी और बैंकिंग में 9.8 फीसदी का अंतर देखा गया है।"

पाठकों के लिए असर (Information Gain / Actionable Insight): यदि आप इंजीनियरिंग, कोर टेक्निकल रोल्स, फिनटेक या EV सेक्टर से जुड़े हैं, तो आने वाले वित्त वर्ष में आपके जॉब स्विच या अप्रेजल के दौरान बेहतर पैकेज मिलने की पूरी संभावना है। अपने स्किल सेट को अपग्रेड कर आप इस वेतन बढ़ोतरी का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

स्मार्ट एफएक्यू ब्लॉक (Smart FAQ Block)

Q1. FY26-27 में सबसे ज्यादा सैलरी हाइक कौन से सेक्टर में मिलने की उम्मीद है? उत्तर: इलेक्ट्रिक वाहन (EV & EV Infrastructure), फिनटेक, हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स, तथा पावर एंड एनर्जी सेक्टर में सबसे ज्यादा (9.6% से 10.2%) वेतन वृद्धि देखने को मिलेगी।

Q2. क्या देश के सभी शहरों में सैलरी ग्रोथ एक जैसी है? उत्तर: नहीं, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहर सबसे आगे हैं। विशेषकर IT सेक्टर में हैदराबाद (11.7%), चेन्नई (11.5%) और पुणे (11.3%) में सबसे अधिक सैलरी ग्रोथ का अनुमान है।

Q3. परमानेंट और टेंपरेरी कर्मचारियों के वेतन में सबसे कम अंतर किस उद्योग में है? उत्तर: ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में परमानेंट और टेंपरेरी कर्मचारियों के बीच सैलरी का अंतर सबसे कम (मात्र 4.2%) है। (भाषांतर:Ravi Pandey । इनपुट:ANI)

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