NEET-UG पेपर लीक मामले पर गौरव गोगोई का सरकार पर हमला, बोले- 21 छात्रों की मौत का जवाब दे सरकार
नई दिल्ली (भारत)। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार को NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले से निपटने के तरीके को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि 21 बच्चों की जान चली गई और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनके स्वागत के तरीके पर सवाल उठाया। गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के बजाय सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
संसद में परीक्षा विधेयक पर गोगोई का सरकार पर हमला
संसद के निचले सदन में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर बोलते हुए गोगोई ने कहा, "21 बच्चों की जान चली गई; उन्होंने आत्महत्या कर ली। जिस मंत्री के कार्यकाल में 21 बच्चों की जान गई, जब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया और कल सदन में लौटे, तो आपने उनका इस तरह स्वागत किया जैसे वे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध से लौटे हों।"
प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा सुधार को लेकर साधा निशाना
आगे उन्होंने कहा, "आजकल प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम रील्स में नजर आते हैं। पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा में सुधार लाने और परीक्षा-पत्र बनाने वाले माफिया, परीक्षा-समाधान माफिया, परीक्षा केंद्र माफिया आदि को खत्म करने के तरीकों पर व्यापक चर्चा करने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी ने बस इतना कहा कि इंस्टाग्राम पर ज्यादा ध्यान दें।"
छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब की मांग
गोगोई ने हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि बल प्रयोग के बावजूद छात्र हतोत्साहित नहीं हुए और सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और सवाल किया कि इस कार्रवाई का अधिकार किसने दिया, और कहा कि पुलिस की कार्रवाई के लिए सरकार को जवाब देना होगा।
प्रदर्शनकारियों के संघर्ष और पुलिस कार्रवाई का गोगोई ने किया जिक्र
गोगोई ने आगे कहा, “विरोध प्रदर्शनों के दौरान बहुत सी लड़कियाँ थीं। कुछ ने रील बनाकर बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता को बिना बताए प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई थीं। कुछ नौकरानियों ने कहा कि वे काम करती हैं, लेकिन उन्हें अपने पुराने दिन याद आ गए। एक लड़के ने पुलिस से उसे पीटने को कहा। मुझे भगत सिंह की झलक दिखी। डर खत्म हो गया है। लाठीचार्ज हुआ, लेकिन छात्र पीछे नहीं हटे। कुछ छात्र 20 जुलाई की रात को इसलिए आए क्योंकि वे पुलिस कार्रवाई से नाराज़ थे। हमने मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति को सिर से खून बहते देखा, लेकिन वह वापस नहीं गया।”
पेलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा, “हमने देखा कि कैसे पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। हम भूलेंगे नहीं कि पुलिस ने लड़कियों के कपड़े कैसे फाड़े। किसने आदेश दिया, वो आदेश कहाँ से आया? आंसू गैस का इस्तेमाल किसने अधिकृत किया? राहुल गांधी ने पत्र लिखा है। हम सरकार से, खासकर गृह मंत्री से जवाब चाहते हैं। यह विधेयक इसलिए लाया गया है क्योंकि गृह मंत्री द्वारा भेजी गई पुलिस जनता को कुचल नहीं सकी।” (Source- ANI)
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