मानसून सत्र में सरकार पेश करेगी 5 नए विधेयक, FCRA और शिक्षा बिल पर रहेगी नजर
नई दिल्ली,(भारत)। अठारहवीं लोकसभा के विधायी सत्र में दो पुराने विधेयकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एजेंडा में इस वर्ष की शुरुआत में पेश किया गया विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और लंबे समय से लंबित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 शामिल हैं, जिसे 15 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और एक संयुक्त समिति को भेजा गया था।
विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार सरकार
सरकार अठारहवीं लोकसभा के आगामी सत्र में अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, जिसमें पहले से पेश किए गए दो विधेयकों के साथ-साथ पांच नए विधेयक पेश करने की योजना है। आगामी सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को भी पेश किए जाने की उम्मीद है, ये दोनों विधेयक मौजूदा अध्यादेशों को प्रतिस्थापित करने के लिए बनाए गए हैं। इन उपायों के साथ-साथ सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी विचार करेगी।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक
दूसरी ओर, राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी दलों के नेता संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, 20 जुलाई (सोमवार) को बैठक करेंगे और सत्र के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे। विपक्ष केंद्र के विधायी एजेंडे के साथ-साथ उन मुद्दों पर भी अपनी रणनीति बनाएगा जिन्हें वह सत्र के दौरान उठाना चाहता है। यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। गुरुवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यदि प्रस्तावित परिसीमन विधेयक मानसून सत्र में दोबारा पेश किया जाता है तो पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र एक ऐसे विधेयक के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है जिसे पहले लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था।
19 जुलाई को होगी सर्वदलीय बैठक
रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले कई अन्य विधेयकों का विरोध करेगी, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 में प्रस्तावित संशोधन शामिल हैं। इस बीच, सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार द्वारा अपने विधायी एजेंडे की रूपरेखा प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है और विपक्षी दलों द्वारा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को स्पष्ट किए जाने की संभावना है। प्रत्येक संसदीय सत्र से पहले आयोजित होने वाली यह सर्वदलीय बैठक सुबह 11 बजे शुरू होने की संभावना है।
सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर होगा विचार
सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार किए जाने की उम्मीद है। हाल के हफ्तों में कुछ विपक्षी दलों में मतभेद और फूट देखने को मिली है, जिसके चलते सत्र में उथल-पुथल होने की आशंका है। विपक्ष द्वारा NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में हुई मौतों पर दिए गए बयान का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इससे पहले कहा था कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा।(ANI)
यह भी पढ़ेंः सहारनपुर में डीएम कार्यालय परिसर की अवैध मस्जिद पर कार्रवाई, ध्वस्तीकरण का आदेश