Monsoon Session 2026: सर्वदलीय बैठक में सरकार ने मांगा विपक्ष का सहयोग, जानें क्या है पूरा शेड्यूल और एजेंडा
नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र के सुचारू संचालन के लिए रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें 40 राजनीतिक दलों के 58 शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र के दौरान विधायी कामकाज को गति देना और राजनीतिक गतिरोध को कम करना था। सरकार ने 'नियमों के दायरे में' हर मुद्दे पर चर्चा का भरोसा दिया है।
मानसून सत्र 2026: एक नज़र में (Schedule)
- सत्र की शुरुआत: सोमवार, 20 जुलाई, 2026
- प्रस्तावित समापन: गुरुवार, 13 अगस्त, 2026
- कुल कार्यदिवस: 25 दिन (इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं)
- एजेंडा: विधायी कामकाज की सूची 16 जुलाई को ही संसद के दोनों सचिवालयों द्वारा बुलेटिन पार्ट-II में जारी की जा चुकी है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा आहूत इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि बैठक का संचालन स्वयं रिजिजू ने किया। सरकार की ओर से राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा, कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन भी मौजूद रहे। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुल 58 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सरकार का रुख: "नियमों के तहत चर्चा को तैयार"
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, "सरकार संसद के दोनों सदनों की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के तहत किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
विपक्ष के नेताओं ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों को रेखांकित किया। सरकार ने इन सुझावों को नोट किया और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए रचनात्मक विपक्ष की भूमिका पर जोर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंत में सभी नेताओं को उनकी सक्रिय और प्रभावी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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