श्रीराम मंदिर के ध्वाजारोहण कार्यक्रम के लिए विधि विधान से अनुष्ठान का शुभारंभ
श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण अनुष्ठान का शुभारंभ
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में होने वाले ऐतिहासिक ध्वाजारोहण कार्यक्रम के लिए विधिविधान से पूजन अर्चन शुरू हुआ। यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने अर्द्धांगिनी समेत पूजन अर्चन में भाग लिया श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में पांच दिवसीय ध्वजारोहण समारोह के पूजन अर्चन कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ पर पूर्ण वैदिक रीति से विभिन्न पूज्य देवताओं का आवाहन के साथ किया गया। राम मंदिर के अनुष्ठान में 21 यजमान शामिल हूए।
विवाह पंचमी पर होगा ध्वजारोहण
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। विवाह पंचमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर परिसर में 25 नवंबर को विशेष रूप से तैयार किए गए दिव्य ध्वज का अनावरण और ध्वजारोहण करेंगे। यह ध्वज ना केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि भारतीय अध्यात्म, इतिहास और पर्यावरणीय संदेशों की गहराई भी समेटे हुए है। विशेष डिजाइन के इस ध्वज की लंबाई 11 फीट और चौड़ाई 22 फीट रखी गई है, जो अपने आप में भव्य और अनोखा है।
स्वदेशी सामग्री से निर्मित तीन-परत का ध्वज
दिव्य सा दिखने वाला यह ध्वज कश्यप मेवाड़ द्वारा तैयार किया गया है। इसे गुजरात के अहमदाबाद में बनाया गया है। इसे तैयार करने में 25 दिन का समय लगा है। सिल्क के कपड़े से बने तीन-परत वाले इस ध्वज में लगी हर एक चीज स्वदेशी है। इसके किनारों पर गोल्डन फैब्रिक लगाया गया है और अंदर अस्तर भी लगाया गया है। जो भी चिन्ह बनाए गए हैं तो सब हाथ की कारीगरी है।
अयोध्या में भव्य तैयारियाँ शुरू
श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह को लेकर अयोध्या में बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पूरी राम नगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। सड़कों पर भगवान राम की कथा से जुड़े चित्रों को उकेरा जा रहा है। अयोध्या नगरी अपनी प्राचीन भव्यता में तैयार की जा रही हैं। मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वज लगाने के लिए तकनीक और हस्तगत दोनों प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया है।
ध्वज आरोहण के लिए तकनीकी व्यवस्था सुदृढ़
ध्वजारोहण समारोह के शुभारंभ से पूर्व गुरुवार को सुहागिन महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गयी। 501 कलशों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा से इस आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। भव्य कलश यात्रा के दौरान सरयू तट से लेकर जन्मभूमि मंदिर तक राममय माहौल नजर आया। श्रद्धाभक्ति से परिपूर्ण सफल कलशयात्रा के बाद शुक्रवार सुबह से क्रमशः वैदिक मर्मज्ञ आचार्यों द्वारा गणपति पूजन, पंचांग पूजन, षोडष मातृका पूजन के बाद मंडप प्रवेश पूजन कराया गया। इसके बाद योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन, और प्रधान मंडल के रूप में रामभक्त मंडल व अन्य समस्त पूज्य मंडलों का आवाहन पूजन हुआ। तदोपरान्त अरणि मंथन से अग्निकुण्ड में मंत्रोच्चार के साथ अग्नि स्थापना की गई।
डॉ. अनिल मिश्र बने मुख्य यजमान
यजमान डॉ. अनिल मिश्र ने अर्द्धांगिनी समेत पूजन किया। यजमानों में राम मंदिर ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा के अतिरिक्त कृष्ण मोहन, डॉक्टर चंद्र गोपाल पांडे भी हैं शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्य आचार्य चंद्रभान शर्मा, उपाचार्य रविंद्र पैठणे, यज्ञ के ब्रह्मा व आचार्य पंकज शर्मा ने पूजन संपन्न कराया। पूजन व्यवस्था प्रमुख आचार्य इंद्रदेव मिश्र व आचार्य पंकज कौशिक की देखरेख में संपन्न हुई।
भक्त संगठनों का व्यापक सहयोग
श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के ध्वजारोहण समारोह के भव्य आयोजन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा चाक चौबंद व्यवस्था की गयी है। समारोह में आने वाले अतिथियों के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से अलग-अलग सात स्थानों पर आठ भोजनालय स्थापित किए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा संचालित सीता रसोई के संचालक व विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिहं “पंकज” के अनुसार सीता रसोई के अतिरिक्त देश के विभिन्न क्षेत्र में अन्न क्षेत्र चलाने वाले भक्त संगठन भी इन भोजनालयों में सहयोग कर रहे हैं। इनमें वाराणसी के सूर्यकांत जालान उर्फ "कानू", पंजाब अमृतसर के दुर्ग्याना मंदिर, जम्मू कश्मीर कटरा स्थित हनुमान मंदिर के भोजनालय शामिल है। साथ ही लखनऊ के नीरज व अयोध्या के पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय द्वारा दो भोजनालयों का संचालन किया जाएगा।
यह भी पढ़े: एयर शो के दौरान तेजस फाइटर जेट क्रैश
https://www.primenewsnetwork.in/india/tejas-fighter-jet-crashes-in-dubai-during-air-show/98416