आल पार्टी हिल्स लीडर कांफ्रेंस की मान्यता पर शीघ्र फैसला लेने का आयोग को निर्देश
आल पार्टी हिल्स लीडर कांफ्रेंस की मान्यता पर शीघ्र फैसला लेने का आयोग को निर्देश
दस्तावेज जमा करने के निर्देश
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑल पार्टी हिल्स लीडर कॉन्फ्रेंस को एक हफ्ते के अंदर राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता के लिए ज़रूरी सभी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह आवेदन पर कार्रवाई करे और उसके बाद आठ हफ्तों के अंदर प्रस्तावित पार्टी के नाम पर फैसला करे। याचिकाकर्ता ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल्स एक्ट, 1951 की धारा 29-A के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है। पार्टी 2026 के असम विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारना चाहती है और उसने मूल रूप से 6 मार्च, 2025 को वैकल्पिक नामों और सहायक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा किया था। याचिका में कहा गया है कि अगले दिन पावती मिलने के बावजूद, आयोग द्वारा कोई अंतिम जवाब जारी नहीं किया गया। कार्यवाही के दौरान, आयोग ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता को 14 नवंबर, 2025 को एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें आवेदन में कमियों की ओर इशारा किया गया था। आदेश में दिए गए संचार में, लापता हलफनामों, स्टाम्प पेपर के गलत इस्तेमाल और प्रस्तावित पार्टी के कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित प्रमुख पदाधिकारियों के बारे में अधूरी जानकारी सूचीबद्ध है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सभी लंबित दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर जमा कर दिए जाएं। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद, याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया और आगे आयोग को निर्देश दिया कि वह प्रस्तावित नामों में से एक को मंजूरी देने पर विचार करे और विसंगतियों को दूर करने के आठ सप्ताह के भीतर राजनीतिक पार्टी को पंजीकृत करे। इन निर्देशों के साथ, रिट याचिका का निपटारा कर दिया गया।
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