SIR विवाद पर हिमंत बिस्वा सरमा का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- 'घुसपैठियों को बचाने के लिए हो रहा यह नाटक'
शिमला (हिमाचल प्रदेश)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। शिमला में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए सरमा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी घुसपैठियों को बचाने के लिए यह पूरा सियासी नाटक कर रहे हैं।
बीजेपी दिग्गजों संग शिमला की सड़कों पर उतरे हिमंत सरमा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित इस विरोध मार्च में हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद सुरेश कश्यप समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, इसीलिए राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं।
'पागलखाने में होनी चाहिए राहुल गांधी की जगह'
हिमंत सरमा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा, "SIR की पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए जब से घुसपैठियों के नाम कटे हैं, राहुल गांधी रोने लगे हैं। वह यह सब ड्रामा इसलिए कर रहे हैं ताकि इन घुसपैठियों को भारत में स्थायी रूप से बसाया जा सके। लेकिन देश की जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी। हम चुनाव आयोग और देश के नागरिकों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।"
उन्होंने आगे तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी की बातें मानसिक संतुलन खोने जैसी हैं और उन्हें मानसिक अस्पताल में होना चाहिए।
संसद से सुप्रीम कोर्ट तक माना गया घुसपैठ का मुद्दा
असम और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए सरमा ने सवाल उठाया, "असम और बंगाल में घुसपैठ की गंभीर समस्या को सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश की संसद तक ने स्वीकार किया है। अगर SIR लागू नहीं होगा, तो इन बाबरों और औरंगजेबों के नाम मतदाता सूची से कैसे बाहर किए जाएंगे?"
उन्होंने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि अगर चुनाव प्रक्रिया पर ही भरोसा नहीं है, तो क्या हिमाचल प्रदेश, केरल या फिर रायबरेली से राहुल गांधी का अपना चुनाव भी रद्द कर दिया जाना चाहिए?
1984 सिख विरोधी दंगों का जिक्र कर बोला हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए हिमंत सरमा ने INDIA गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "आज ही के दिन 1984 में दिल्ली समेत पूरे देश में हजारों सिखों का नरसंहार हुआ था। आज के दिन दिल्ली में हंगामा खड़ा करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। सिखों के प्रति असंवेदनशीलता कांग्रेस के डीएनए में है।"
उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि मंच से देश के सिख समाज से 1984 के दंगों के लिए माफी मांगें और मृतकों की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखें।
देशभर में बीजेपी का काउंटर अटैक, दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन
दूसरी तरफ, SIR प्रक्रिया के विरोध में INDIA गठबंधन के दिग्गज नेता- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली के लिए एकजुट हुए।
इसके जवाब में बीजेपी ने देशव्यापी मोर्चा खोला। रोहतक में बीजेपी नेता नितिन नवीन ने पदयात्रा निकाली, तो वहीं मुंबई में बीजेपी और महायुति सहयोगियों ने 'लोकशाही बचाओ' यात्रा के जरिए विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया। (इनपुट: ANI)
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