असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांध

हिमंत बिस्वा सरमा की राहुल गांधी को चुनौती, बोले- ज्ञानेश कुमार के CEC रहते चुनाव न लड़ने का करें ऐलान

Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma

शिमला। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि वह वास्तव में यह मानते हैं कि चुनावी प्रक्रिया से समझौता किया गया है, तो वह यह घोषणा करें कि जब तक ज्ञानू कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) बने रहेंगे, तब तक वह कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने विपक्ष पर बिना सबूत दिए वोट चोरी के आरोप लगाने का आरोप लगाया। शिमला में एक भाजपा रैली को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि राहुल गांधी ने बार-बार चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाया है, लेकिन वह अपने दावों को साबित करने में विफल रहे हैं।

चुनाव आयोग की निरंतर आलोचना पर कांग्रेस नेता से सवाल

उन्होंने चुनाव आयोग की निरंतर आलोचना पर कांग्रेस नेता से सवाल किया और कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को स्वीकार करना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घोषणा से यह पता चल जाएगा कि कांग्रेस नेता को अपने ही आरोपों पर भरोसा है या नहीं। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक भ्रम पैदा करने के लिए वोट चोरी के मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करती रहेगी।

पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों में विसंगतियों की पहचान

सरमा ने मतदाता सूचियों के संबंध में कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाया और पूछा कि विपक्ष मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर आपत्ति क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों में विसंगतियों की पहचान करना है, जिसमें दोहरे नाम, मृत मतदाता और अपना निवास स्थान बदलने वाले मतदाता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस प्रक्रिया ने सत्यापन की आवश्यकता वाली कई श्रेणियों के प्रविष्टियों की पहचान की है और कहा कि विपक्ष को सटीक मतदाता सूचियों को बनाए रखने के प्रयासों का विरोध नहीं करना चाहिए।

मतदाता सूचियों को अपडेट करने की आवश्यकता

उन्होंने मृत मतदाताओं, दोहरे नामों और अन्य स्थानों पर चले गए मतदाताओं से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों को अपडेट करने की आवश्यकता है कि केवल योग्य मतदाता ही चुनाव में भाग लें। सरमा ने बैलेट पेपर से मतदान की मांग को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाया और कहा कि पार्टी ने चुनावी हार के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बारे में बार-बार चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह उसी प्रक्रिया के तहत आयोजित चुनावों में भाग लेने के बावजूद मतदान प्रणाली पर सवाल क्यों उठा रहा है।

कई राज्यों में कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन की भी आलोचना

असम के मुख्यमंत्री ने आगे कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और अविश्वास का माहौल पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक जनादेश में विश्वास करती है और देश की चुनावी प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में काम करती रहेगी। सीएम सरमा ने कई राज्यों में कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन की भी आलोचना की और सवाल किया कि चुनाव हारने के बावजूद पार्टी चुनावी हेरफेर के आरोप क्यों लगाती रही है।

कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया के परिणामों की अनदेखी करने का आरोप

हिमाचल प्रदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने हाल ही में कई स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की है और कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए परिणामों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करती रहेगी और विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी राज्य में सत्ता में वापसी करेगी। इस रैली में भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, शिमला सांसद सुरेश कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित कई नेता उपस्थित थे।

(इनपुटः ANI)

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