मैं आपकी लड़ाई में आपके साथ हूँ: राहुल गांधी ने IDBI बैंक कर्मचारियों को लिखा पत्र, निजीकरण की आलोचना
नई दिल्ली (भारत)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक के उन कर्मचारियों का खुला समर्थन किया है जो बैंक के प्रस्तावित निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस बिक्री से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए मिलने वाला आरक्षण पूरी तरह खत्म हो सकता है। गुरुवार को बैंक के कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में गांधी ने बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होने के बावजूद उसमें अपनी हिस्सेदारी बेचने के सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कर्मचारियों की सेवा शर्तें और संसद में दिए गए आश्वासन का जिक्र
राहुल गांधी ने कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर भी गहरी चिंता जताई है और साल 2003 में संसद में सरकार द्वारा दिए गए उस आश्वासन को याद दिलाया, जिसमें कहा गया था कि सरकार बैंक में कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। उन्होंने पत्र में कहा कि जब आईडीबीआई बैंक निजी हाथों में चला जाएगा, तो एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए मिलने वाला आरक्षण भी खत्म हो जाएगा और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से सुरक्षा का आखिरी कवच भी छिन जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति सुधारने में कर्मचारियों ने बहुत अहम भूमिका निभाई है।
बैंक का मुनाफा और प्रस्तावित शेयर बिक्री का सौदा
गांधी ने बताया कि सात साल पहले आईडीबीआई बैंक घाटे में चल रहा था, लेकिन पिछले साल इसने 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बंपर मुनाफा कमाया है। पिछले साल मार्च में बैंक के कर्मचारियों का एक समूह उनसे मिला था और पूछा था कि मुनाफे में चल रहे सरकारी बैंक को क्यों बेचा जा रहा है, जिसे उन्होंने लोकसभा में भी उठाया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को 52,878 करोड़ रुपये के एक सौदे को मंजूरी दी है, जिसके तहत आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सहायक कंपनी को बेची जाएगी, जिसमें सरकार और एलआईसी दोनों अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। (Source: ANI)
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