'अगर राज्य रेट को लेकर तैयार हो जाएंगे तो...', निर्मला सीतारमण ने बताया कैसे पेट्रोल - डीजल GST के दायरे में आएगा?
Nirmala Sitharaman : निर्मला सीतारमण ने जीएसटी स्लैब में हुए सुधार पर बात की. उन्होंने एक न्यूज चैनल के इंटरव्यू में कहा कि पेट्रोल और डीजल जीएसटी के इस प्रपोजल में शामिल नहीं थे. जीएसटी लाने के समय भी हमने एक लीगल प्रोविजन बनाया था कि अगर राज्य रेट को लेकर तैयार हो जाएंगे तो पेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकेगा. जीएसटी गुड है, सिंपल है. इसमें कोई शक नहीं है. जीएसटी आने से पहले हर राज्य में अलग-अलग कानून थे.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन सबको मिलाकर एक जीएसटी बना. सभी टैक्स को मिलाकर एक जीएसटी बनाया गया. जीएसटी से पहले राज्यों में चीजों का जो रेट था, जीएसटी लागू करते समय उस रेट के आसपास ही जीएसटी का रेट बनाया गया. दोनों रेट में बहुत अंतर नहीं था. आज मैं हैरान हूं कि विपक्ष ये बोल रहा है कि जीएसटी लागू करते समय आपने हाई रेट रखे और अब रिफॉर्म के नाम पर उसे कम कर दिया. जीएसटी लागू करते समय रेट्स हमने मनमानी तरीके से लागू नहीं किए, जो रेट पहले थे, वैसे के वैसे ही ले लिए. विपक्ष को होमवर्क करना चाहिए.
'जीएसटी दरों को कम करने में 8 साल का वक्त लग गया'
निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष आरोप लगाता है कि जीएसटी दरों को कम करने में 8 साल का वक्त लग गया. इस देश को 70 साल बाद जीएसटी मिला. प्रणब मुखर्जी 10 साल बार-बार जब इस पर बात करते थे तब भी इसे लागू नहीं किया गया क्योंकि राज्यों को यूपीए सरकार पर भरोसा ही नहीं था कि वो इसे लागू कर पाएंगे या नहीं.
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