IIT दिल्ली प्रोटेस्ट के राजनीतिकरण पर छात्र सक्षम ने जताई आपत्ति, बोले- फोकस स्टूडेंट वेलफेयर पर रहे
नई दिल्ली (भारत)। IIT दिल्ली के BTech सेकंड ईयर के स्टूडेंट सक्षम ने 31 साल के MSc स्टूडेंट ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद चल रहे प्रोटेस्ट के पॉलिटिकलाइज़ेशन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स चाहते हैं कि आंदोलन IIT दिल्ली में स्टूडेंट वेलफेयर और सिस्टमिक रिफॉर्म्स पर फोकस रहे।
आंदोलन में राजनीतिक एजेंडा हावी होने का आरोप
बातचीत में सक्षम ने आरोप लगाया कि सिस्टम के भीतर पॉलिटिकल एजेंडा रखने वाले कुछ लोग आंदोलन को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल सुनवाई और इस्तीफे की मांग के साथ प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव होना चाहिए।
बाहरी राजनीतिक प्रभाव से आंदोलन को बचाने की मांग
सक्षम ने कहा कि दूसरे यूनिवर्सिटी कैंपस से प्रभावित पॉलिटिकल मोबिलाइजेशन धीरे-धीरे प्रोटेस्ट में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “यह IIT दिल्ली का प्रोटेस्ट है, JNU, DU या किसी और संस्थान का नहीं है।” उनके मुताबिक, स्टूडेंट्स नहीं चाहते कि बाहरी प्रभाव आंदोलन की दिशा तय करे।
जाति और पार्टी आधारित नारों पर छात्र ने जताया विरोध
उन्होंने प्रोटेस्ट के दौरान जाति-आधारित और पार्टी से जुड़ी टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। सक्षम ने कहा कि स्टूडेंट्स लेफ्ट और राइट लॉबी के बीच राजनीतिक टकराव को आंदोलन का हिस्सा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने किसी खास राजनीतिक ग्रुप से जुड़े नारों और पोस्टर्स का भी विरोध किया।
AISA समर्थन के बाद सामने आया छात्र का बयान
सक्षम की यह टिप्पणी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रेसिडेंट नेहा बोरा द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों को समर्थन देने के एक दिन बाद आई है। नेहा बोरा ने ऋषिकेश कुमार की मौत को “इंस्टीट्यूशनल मर्डर” बताते हुए सिस्टम के दबाव को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: 26 सितंबर को FIFA इंटरनेशनल फ्रेंडली में पनामा की मेजबानी करेगा भारत