भारत ने तय लक्ष्य से 5 साल पहले हासिल किया, बिजली क्षमता का 50% से अधिक हिस्सा: PM मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो-2026' का उद्घाटन किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस इवेंट में हिस्सा लिया और बड़े इन्वेस्टर्स को राज्य के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के मौके तलाशने के लिए बुलाया।
भारत की इंस्टॉल्ड बिजली कैपेसिटी का 50 परसेंट से ज़्यादा
समिट के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की इंस्टॉल्ड बिजली कैपेसिटी का 50 परसेंट से ज़्यादा अब नॉन-फॉसिल फ्यूल सोर्स पर आधारित है, यह पेरिस एग्रीमेंट के तहत 2030 के लिए तय किया गया टारगेट था जिसे देश ने तय समय से पांच साल पहले, 2025 में ही हासिल कर लिया। उन्होंने 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' की भावना से ग्लोबल क्लीन एनर्जी कोऑपरेशन को आगे बढ़ाने के भारत के कमिटमेंट पर ज़ोर दिया। समिट के दौरान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय न्यू और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में 50 से ज़्यादा जाने-माने इन्वेस्टर्स के साथ एक राउंड-टेबल मीटिंग की। उन्होंने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बहुत ज़्यादा पोटेंशियल और इन्वेस्टमेंट के मौकों पर रोशनी डाली और इन्वेस्टर्स को राज्य की ग्रोथ में हिस्सा लेने के लिए बुलाया। इस मीटिंग में ब्रुकफील्ड, रीन्यू, आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स, जिंदल ग्रुप और अवाडा समेत कई बड़ी कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव ने हिस्सा लिया।
हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और एनर्जी स्टोरेज पर खास ध्यान
शर्मा ने एक्सपो में राजस्थान के स्टॉल्स का उद्घाटन और निरीक्षण भी किया। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर और मुख्य सचिव वी श्रीनिवास भी मौजूद थे। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में राजस्थान की स्थिति पर ज़ोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य रिन्यूएबल एनर्जी बनाने और सोलर एनर्जी कैपेसिटी लगाने में देश में पहले नंबर पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक लगभग 125 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बनाना है, जिसमें सोलर और विंड एनर्जी, हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और एनर्जी स्टोरेज पर खास ध्यान दिया जाएगा।
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए 'राइट टू यूज़' पॉलिसी शुरू
राजस्थान के CM ने कहा, "राज्य सरकार ने राजस्थान इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी लागू की है और बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए ज़मीन की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए 'राइट टू यूज़' पॉलिसी शुरू की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम 2024 के तहत इन्वेस्टर्स को कई तरह के इंसेंटिव और सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजस्थान ने पहले ही 51,000 MW से ज़्यादा रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी इंस्टॉल कर ली है, जिसमें 45,000 MW से ज़्यादा इंस्टॉल्ड सोलर पावर कैपेसिटी भी शामिल है।"
बायोमास और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
उन्होंने कहा, "राज्य बड़े पैमाने पर सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन, विंड एनर्जी, बायोमास और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को बढ़ा रहा है। सरप्लस सोलर पावर जेनरेशन का इस्तेमाल करने और पीक डिमांड के समय ग्रिड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।" 'इन्वेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर' थीम के तहत हो रहा यह इंटरनेशनल समिट और एक्सपो, राजस्थान और 12 दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता, इन्वेस्टमेंट के मौकों और मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताओं को नेशनल और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर दिखा रहा है।
2 से 5 नवंबर तक होगा इवेंट
2 से 5 नवंबर तक होने वाले इस इवेंट में 130 से ज़्यादा देशों के रिप्रेजेंटेटिव और 400 से ज़्यादा एग्ज़िबिटर हिस्सा ले रहे हैं। वे सोलर और विंड पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज और दूसरे उभरते सेक्टर में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी सॉल्यूशन दिखा रहे हैं। इस समिट का मकसद क्लीन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्रियल पार्टिसिपेशन और टेक्नोलॉजिकल पार्टनरशिप को बढ़ावा देना है।
(इनपुटः ANI)
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