दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव प्रक्रिया

INDIA Bloc Meeting: चुनाव प्रक्रिया और SIR पर INDIA गठबंधन हमलावर, तेजस्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप

Tejashwi Yadav speaking to media in Delhi

नई दिल्ली। दिल्ली में बुधवार को आयोजित 'INDIA' ब्लॉक की अहम बैठक के दौरान राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। इस बैठक में मुख्य रूप से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

तेजस्वी यादव का चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा हमला

मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "यह बैठक चुनाव के दौरान हुई अनियमितताओं और दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरीके से बदलाव किए गए हैं।

मतदान रिकॉर्ड घटाने और प्रतिशत पर गंभीर सवाल

तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की चयन प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, "सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश (CJI) को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके बाद, मतदान अभिलेखों (Voting Records), जिन्हें कम से कम एक साल तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए था, उसकी अवधि घटाकर मात्र 45 दिन कर दी गई। यह सीधे तौर पर सबूतों को नष्ट करने की साजिश है।"

उन्होंने मतदान के आंकड़ों में विसंगतियों का दावा करते हुए आगे कहा, "जब मतदान समाप्त होता है, तो प्रतिशत कुछ और होता है। अगले दिन वह बदल जाता है और तीसरे दिन आंकड़े कुछ और ही सामने आते हैं। वे अपनी सुविधा के अनुसार इनमें बढ़ोतरी कर रहे हैं।" उन्होंने लोकतंत्र के खिलाफ रची गई इस साजिश के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने और जेल भेजने की मांग की।

भाजपा ने INDIA ब्लॉक की बैठक पर बोला हमला

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'INDIA' गठबंधन की इस बैठक पर तीखा कटाक्ष किया है। भाजपा नेत्री कीया घोष ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल उन्हीं जगहों पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती हैं जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ता है।

कीया घोष ने कहा, "चुनाव कराने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, लेकिन जहां ये पार्टियां जीत हासिल करती हैं, वहां वे पूरी तरह चुप बैठ जाती हैं। यह भला कैसे संभव है? यह पूरी तरह से एक बचकाना हरकत है।" इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग का समर्थन करते हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न होने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की एक निवासी होने के नाते, मैं ज्ञानेश कुमार और पूरे चुनाव आयोग का आभार व्यक्त करती हूं कि इस बार के चुनाव में कोई खून-खराबा नहीं हुआ।"

पश्चिम बंगाल चुनाव और एसआईआर ड्राफ्ट पर बयान

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालांकि किसी भी राजनीतिक दल को बैठक करने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन 'INDIA' गठबंधन विशुद्ध रूप से राजनीतिक और स्वार्थ पर आधारित गठबंधन है।

सरावगी ने कहा, "कोई भी गठबंधन बैठक कर सकता है, लेकिन यह स्वार्थ का गठबंधन है और धीरे-धीरे इसमें गहरी दरारें भी दिखने लगी हैं।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग 'एसआईआर' (SIR) मसौदे के प्रकाशन के बाद आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त एक महीने का समय देता है और सभी प्राप्त आपत्तियों का नियमानुसार निपटारा किया जाता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "जहां कांग्रेस जीतती है, वहां उसे कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जहां हार मिलती है, वहीं वह बेवजह का मुद्दा खड़ा करती है।" ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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