भारत-EFTA ट्रेड डील से बढ़ेगा व्यापार, स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने जताई बड़े निवेश की उम्मीद
नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने भारत-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए एक मील का पत्थर बताया है। न्यूज एजेंसी ANI को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक समझौते के लागू होने के बाद से ही स्विस कंपनियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा।
निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएं
अक्टूबर 2025 में प्रभावी हुए TEPA के क्रियान्वयन का आकलन करते हुए स्विस राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और मजबूत आर्थिक संबंध स्थापित करने की पूरी क्षमता है। इससे टिकाऊ विकास, दीर्घकालिक निवेश, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
राष्ट्रपति पार्मेलिन ने कहा, "मैं इस समझौते के क्रियान्वयन को बेहद सकारात्मक रूप से देखता हूं। जब से यह समझौता लागू हुआ है, स्विस कंपनियों की ओर से इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई गई है।"
'विन-विन सिचुएशन' और प्रमुख सेक्टर
स्विस राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि निवेश पर केंद्रित यह समझौता दोनों देशों के लिए 'विन-विन सिचुएशन' तैयार करेगा। जहां स्विट्जरलैंड अपनी विशिष्ट तकनीकों, इनोवेशन क्षमताओं और दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण के साथ आगे आ रहा है, वहीं भारत अपने विशाल बाजार, गतिशील अर्थव्यवस्था, कुशल कार्यबल (वर्कफोर्स) और वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chains) में अपनी अहम भूमिका के जरिए साझेदार बन रहा है।
TEPA के प्रावधानों के तहत, EFTA देशों—स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन—ने आगामी 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस बड़े निवेश से भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
निजी क्षेत्र की सक्रियता और आगामी कूटनीति
निवेश के वादों पर प्रगति के बारे में बात करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि स्विस कंपनियों ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, तथा तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश किया है या अपनी ठोस योजनाएं तैयार की हैं।
उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र के इस प्रयास को स्विट्जरलैंड और अन्य EFTA देशों द्वारा 2024 से अब तक चलाए गए 150 से अधिक संवर्द्धन (Promotion) कार्यक्रमों का मजबूत समर्थन मिला है।"
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के व्यापक फलक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय रिश्ते अब और अधिक घनिष्ठ और गतिशील हो गए हैं, जिन्हें व्यापार, अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास के जरिए और प्रगाढ़ किया जा सकता है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को धार दे रहे हैं। इसके साथ ही, स्विट्जरलैंड ने जून 2027 में जिनेवा में होने वाले आगामी AI समिट के लिए भारत को एक प्रमुख और अहम साझेदार के रूप में रेखांकित किया है।
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