भारत सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह ईरान स्थित चाबह

चाबहार बंदरगाह संचालन को लेकर सभी हितधारकों के संपर्क में भारत, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

Chabahar Operations Under Discussion

नई दिल्ली [भारत]: भारत सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह परियोजना के संचालन को लेकर सभी साझेदारों और हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर बातचीत जारी है।

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चाबहार बंदरगाह को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, "चाबहार परियोजना के संबंध में हम इस मामले से जुड़े सभी साझेदारों और हितधारकों के संपर्क में हैं।" सरकार ने इससे पहले लोकसभा में जानकारी दी थी कि चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए अमेरिका द्वारा दी गई सशर्त प्रतिबंध छूट समाप्त होने के प्रभावों को दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत की जा रही है। विदेश मामलों के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल चाबहार फ्री जोन (IPGCFZ) के माध्यम से वर्ष 2018 से बंदरगाह का संचालन कर रही है।

अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जुड़ी परियोजना

सरकार के अनुसार, चाबहार बंदरगाह परियोजना का उद्देश्य अफगानिस्तान को पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना तथा मध्य एशिया के साथ भारत के व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। सरकार ने बताया कि भारत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अपनी वित्तीय प्रतिबद्धता पूरी कर ली है। यह राशि इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड और ईरान के बंदरगाह एवं समुद्री संगठन (PMO) के बीच 13 मई 2024 को हुए मुख्य अनुबंध के तहत दी गई है। इसकी अंतिम किस्त अगस्त 2025 में हस्तांतरित की गई थी।

10 साल के अनुबंध के तहत हो रहा संचालन

भारत और ईरान ने मई 2024 में चाबहार बंदरगाह के शाहिद-बेहेश्टी टर्मिनल के संचालन के लिए 10 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इस परियोजना को भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे अफगानिस्तान तक पहुंच और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

ANI

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