भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के लिए 'ऑपरेशन अम

'ऑपरेशन अमिस्ताद': तबाही के बीच वेनेजुएला की मदद को भारतीय वायुसेना ने भरी उड़ान

'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत भूकंप प्रभावित वेनेजुएला में राहत सामग्री पहुंचा रहे भारतीय वायु सेना के C-17 विमान

अबिदजान/नई दिल्ली: उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी दोहरे भूकंप के बाद भारत ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) शुरू किया है। इस मिशन के तहत भारतीय वायु सेना (IAF) के दो बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर विमान 35 टन राहत सामग्री और भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल की एक टुकड़ी को लेकर कोटे डी आइवर की राजधानी अबिदजान के रास्ते वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुके हैं। कोटे डी आइवर स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, यह मिशन वैश्विक एकजुटता और संकट के समय मित्र देशों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विदेश मंत्री एस जयशंकर की रणनीतिक कूटनीति को रेखांकित करता है।

सैन्य फील्ड अस्पताल और 'भीष्म क्यूब' तैनात

इस राहत अभियान में भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल की एक विशेष टुकड़ी शामिल है, जिसमें 9 चिकित्सा अधिकारियों सहित कुल 41 कर्मी तैनात हैं। यह टीम वेनेजुएला में आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, आघात प्रबंधन, जीवन रक्षक शल्य चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी। इसके साथ ही टीम विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई लगभग 6 टन चिकित्सा सामग्री भी ले जा रही है।

मिशन की सबसे बड़ी ताकत है 'भीष्म क्यूब'

इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत भारत की 'आरोग्य मैत्री परियोजना' के तहत भेजा जा रहा 'भीष्म क्यूब' (BHISHM Cube) है। 

क्या है भीष्म क्यूब?

भीष्म क्यूब (भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग, हित और मैत्री) एक स्वदेशी, तेजी से तैनात होने वाली मॉड्यूलर चिकित्सा सुविधा है। इसे विशेष रूप से आपदा प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके छोटे और आत्मनिर्भर मॉड्यूल्स को बेहद कम समय में एक पूर्ण फील्ड अस्पताल में बदला जा सकता है, जो 200 मरीजों के इलाज में सक्षम है। यह पोर्टेबल वेंटिलेटर, रोगी मॉनिटर, डायग्नोस्टिक और सर्जिकल उपकरण, बिजली उत्पादन और ऑक्सीजन सहायता प्रणालियों से पूरी तरह लैस है।

वेनेजुएला में दोहरे भूकंप से भारी तबाही

वेनेजुएला इस समय उत्तरी भाग में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के विनाशकारी दोहरे भूकंपों से बुरी तरह प्रभावित है। सीएनएन की रिपोर्ट और वेनेजुएला की राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम-से-कम 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 3,238 लोग घायल हुए हैं। जबकि, 3,142 से अधिक परिवार बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं।

भूकंप के हल्के झटके से बचाव कार्यों में बाधा

फिलहाल, भारी उपकरणों की कमी और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (भूकंप के हल्के झटके) के कारण वहां राहत और बचाव कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत की यह त्वरित चिकित्सा सहायता वैश्विक स्तर पर देश की बेहतरीन आपदा राहत क्षमता को प्रदर्शित करती है।