भारत को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त विनिर्माण राष्ट्र के रूप में उभरना चाहिए: पीयूष गोयल
नई दिल्ली (भारत)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नवाचार को बढ़ावा देने और औद्योगिक बदलाव में तेजी लाने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त विनिर्माण राष्ट्र के रूप में उभरने का प्रयास करना चाहिए। आईएसआईडी और आईडीआरए द्वारा आयोजित 'भारत के औद्योगिक बदलाव पर चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए गोयल ने भारत की औद्योगिक वृद्धि को तेज करने के लिए गुणवत्ता, वैश्विक बाजार पहुंच, बड़े पैमाने पर उत्पादन और समावेशिता जैसे चार प्रमुख कारकों की पहचान की।
जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट विजन और मुक्त व्यापार समझौते
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट' के विजन को दोहराया। उन्होंने भारतीय निर्माताओं से आग्रह किया कि वे मुक्त व्यापार समझौतों यानी एफटीए के तहत मिलने वाली विशेष बाजार पहुंच का लाभ उठाएं, ताकि निर्यात बढ़ाया जा सके और वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत की जा सके। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब लोगों के भारत के घरेलू बाजार का बड़ा आकार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच, निर्माताओं को किफायती और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत हासिल करने में मदद कर सकती है।
व्यापार नीतियों और उन्नत तकनीकों पर विशेष जोर
भारत की व्यापार नीति पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि देश के व्यापार समझौते केवल शुल्क कम करने या बाजार तक पहुंच सुरक्षित करने तक सीमित नहीं हैं। इनका उद्देश्य व्यापक साझेदारियां बनाना है, जो भारत की प्रतिस्पर्धी ताकतों का लाभ उठाएं, निर्यात को बढ़ावा दें और उन्नत तकनीकों तक पहुंच आसान बनाएं। इनमें ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, मेमोरी तकनीक, चिकित्सा तकनीक और देश के विकास के लिए जरूरी अन्य उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत में किसानों और अन्य हितधारकों के संवेदनशील हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। (Source: ANI)
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