भारत और म्यांमार ने सोमवार को महत्वपूर्ण खनिजों और

महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ मिनरल्स पर भारत-म्यांमार में सहमति, सहयोग बढ़ाने पर जोर

India, Myanmar Deepen Critical Minerals Cooperation

नई दिल्ली। भारत और म्यांमार ने सोमवार को महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ रेयर अर्थ मिनरल्स से संबंधित मामलों पर घनिष्ठ सहयोग बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देशों का लक्ष्य इन रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाना है। भारत यात्रा पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग हलिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ तत्वों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर संपर्क बनाए रखने पर जोर

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि, "आज की चर्चा के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ तत्वों से जुड़े मुद्दे सामने आए। यह विषय कुछ समय से द्विपक्षीय चर्चा का हिस्सा रहा है। आज भी, इस बात पर सहमति बनी कि दोनों सरकारें इन मुद्दों पर एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगी और इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगी।"

रक्षा सहयोग और सीमा सुरक्षा पर भी हुई चर्चा

रक्षा सहयोग के मुद्दे पर विदेश सचिव ने बताया कि म्यांमार के साथ भारत की साझेदारी मुख्य रूप से प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत मजबूती पर केंद्रित रही है। उन्होंने यह भी बताया कि म्यांमार के सैनिकों का प्रशिक्षण संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना (UN Peacekeeping) कार्यों के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा आगे कहा कि भारत सीमा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को विशेष महत्व देता है क्योंकि वह म्यांमार देश के साथ एक लंबी सीमा साझा करता है।

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