सिंधु जल संधि पर भारत अडिग, पाकिस्तान के दावों को किया खारिज
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को आसियान क्षेत्रीय मंच पर पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सिंधु जल संधि (IWT) पर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट और अपरिवर्तित है। मंत्रालय ने दोहराया कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को "अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय रूप से" बंद नहीं कर देता।
सीमा पार बाढ़ के आरोपों को बताया निराधार
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें भारत पर जानबूझकर बाढ़ लाने का आरोप लगाया गया था। मंत्रालय ने कहा कि चिनाब नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह केवल भारी मानसूनी बारिश थी।
रणधीर जायसवाल ने दोहराया भारत का रुख
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान ने आसियान मंच का दुरुपयोग उन मुद्दों को उठाने के लिए किया है, जिन्हें भारत पहले ही खारिज कर चुका है। उन्होंने कहा, "सिंधु जल संधि पर हमारा रुख स्पष्ट और अपरिवर्तित है। यह संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता।"
मनीला बैठक में उठाया गया था कश्मीर का मुद्दा
यह बयान भारत द्वारा मनीला में आयोजित आसियान क्षेत्रीय मंच पर पाकिस्तान की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना के एक दिन बाद आया। भारत ने पाकिस्तान पर बहुपक्षीय मंच का इस्तेमाल "राज्य-प्रायोजित दुष्प्रचार" फैलाने और सीमा पार आतंकवाद के अपने रिकॉर्ड से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया और सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले की आलोचना की।
'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा'
भारत ने जवाब में स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं, थे और हमेशा रहेंगे। इसलिए पाकिस्तान को इस विषय पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
चिनाब में जलस्तर बढ़ने की बताई वजह
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी मीडिया की उन रिपोर्टों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने नदी के प्रवाह में हेरफेर कर पाकिस्तान में बाढ़ पैदा की। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के लाहौर स्थित बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने अपनी सलाह में इसी कारण का उल्लेख किया था।
'बाढ़ मौसम की वजह से, भारत की कार्रवाई नहीं'
जायसवाल ने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि भारी बारिश की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। इसे भारत की किसी कार्रवाई से जोड़ना तथ्यात्मक और तकनीकी रूप से गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस दौरान जलस्तर इतना अधिक नहीं था कि विशेष बाढ़ चेतावनी जारी करनी पड़े।
मानवीय आधार पर आंकड़े साझा करेगा भारत
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी भी बाढ़ संबंधी जानकारी नहीं छिपाई। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जरूरत पड़ने पर मानवीय आधार पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ उच्च बाढ़ संबंधी आंकड़े साझा किए जाएंगे। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मनीला में आयोजित आसियान-भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय मंच की मंत्रिस्तरीय बैठकों में भाग लिया।
ANI
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