भारत ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद

खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा भारत, गवर्नर हसनैन और केंद्रीय मंत्री मार्गेरिटा जाएंगे ईरान

India to Send Delegation for Ayatollah Khamenei's Funeral in Iran

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और बड़े सैन्य संघर्ष के बीच, भारत ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में अपना आधिकारिक प्रतिनिधित्व भेजने का फैसला किया है। इस कूटनीतिक कदम के तहत बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अगले महीने ईरान का दौरा करेंगे। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब इस साल 28 फरवरी को अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमलों में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद से पूरे मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में सुरक्षा समीकरण बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

पीएम मोदी को भी मिला था औपचारिक निमंत्रण

ईरानी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों भारतीय दिग्गज अगले महीने ईरान में होने वाले अंतिम संस्कार समारोहों में नई दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे। ईरानी सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक के अधिकारियों ने इस दो दिवसीय सार्वजनिक विदाई और अंतिम संस्कार के लिए व्यापक और विस्तृत सुरक्षा तथा तार्किक (logistical) तैयारियां पूरी कर ली हैं। इससे पहले, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए एक औपचारिक निमंत्रण भी भेजा था।

4 और 5 जुलाई को होंगे मुख्य कार्यक्रम

इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के तेहरान कमांड के कमांडर और अंतिम संस्कार व्यवस्था मुख्यालय के प्रमुख, ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में बताया कि मुख्य समारोह 4 और 5 जुलाई को आयोजित किए जाएंगे। इसमें सार्वजनिक विदाई, अंतिम संस्कार की नमाज़ और एक विशाल शवयात्रा शामिल होगी।

सुरक्षा के मद्देनज़र बदला गया अंतिम यात्रा का स्वरूप

तैयारियों के विवरण के अनुसार, 4 जुलाई को स्थानीय समयानुसार सुबह 6:00 बजे तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में सार्वजनिक विदाई समारोह शुरू होगा, जो रात 8 बजे तक चलेगा। इसके बाद, 5 जुलाई की सुबह अंतिम संस्कार की नमाज़ अदा की जाएगी। सुरक्षा और अत्यधिक भीड़ के तकनीकी मूल्यांकन को देखते हुए, प्राधिकारियों ने किसी एक रूट से शवयात्रा निकालने के बजाय तेहरान में एक विस्तृत कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ से बचा जा सके।

करोड़ों लोगों के जुटने की तैयारी

इस ऐतिहासिक विदाई समारोह के लिए तेहरान के मेट्रो नेटवर्क और सार्वजनिक बस बेड़े को पूरी क्षमता से संचालित किया जाएगा। साथ ही, प्रार्थना मैदान के आसपास भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और स्वच्छता सुविधाओं से लैस पांच समर्पित सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस समारोह में न्यूनतम 12 से 15 मिलियन और अधिकतम 20 मिलियन (2 करोड़) तक लोग जुट सकते हैं। (Source: ANI)

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