देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.29 अरब डॉलर बढ़कर हुआ 696.61 अरब डॉलर
मुंबई। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 26 दिसंबर, 2025 को समाप्त सप्ताह में 3.29 अरब डॉलर बढ़कर 696.61 अरब डॉलर हो गया है। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें मुख्य रूप से सोने के भंडार में वृद्धि और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets - FCA) में उछाल का योगदान शामिल है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि देश के वित्तीय बफर को मजबूत करती है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 19 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.36 अरब डॉलर बढ़कर 693.31 अरब डॉलर पर रहा था। सितंबर, 2024 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था।
FCA 18.4 करोड़ डॉलर बढ़कर हुआ 559.61 अरब डॉलर
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 26 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) 18.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 559.61 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर में बताई जाने वाली एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी फॉरेन करेंसी के मूल्य में बढ़ोतरी या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है।
आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, $184 मिलियन बढ़कर $559.61 अरब हो गईं। देश का सोने का भंडार इस दौरान लगभग 2.95 अरब डॉलर बढ़ा जबकि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में लगभग 184 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
गोल्ड रिजर्व 2.95 अरब डॉलर बढ़कर हुआ 113.32 अरब डॉलर
आंकड़ों के अनुसार, रिपोर्टिंग वीक में गोल्ड रिजर्व 2.95 अरब डॉलर बढ़कर 113.32 अरब डॉलर हो गया। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) में देश का स्पेशल ड्राइंग राइट (SDR) 6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.80 अरब डॉलर रहा। इस हफ्ते में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी आईएमएफ (IMF) में भारत का आरक्षित भंडार 9.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गया।