वाशिंगटन। फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशो

ईरान के पास अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले की क्षमता

Middle East Tensions

ईरान की मिसाइल क्षमता से अमेरिकी ठिकाने खतरे में

 फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों ने आगाह किया है कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं अब भी अमेरिकी हितों के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय देश किसी भी बड़े सैन्य टकराव को रोकने के लिए राजनयिक प्रयासों को प्राथमिकता देने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के सरकारी ब्राडकास्टर- 'प्रेस टीवी' ने रविवार को 'वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि इस मामले के जानकार दो पश्चिमी अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी के सहयोगी देशों ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान के पास जरूरी सैन्य क्षमता है जिनमें अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की क्षमता भी शामिल है। वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य जमाव पर भी हमला कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फारस की खाड़ी के एक अमेरिकी सहयोगी के हाल के आकलन में कहा गया है कि जून में इजराइल के साथ युद्ध में ईरान की मिसाइल क्षमता को नुकसान पहुंचाने के दावों के बावजूद ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के मूल तत्व अभी जस की तस कायम है। उसने कुछ क्षमताओं को फिर से कायम कर लिया। उसने पूरे क्षेत्र की संवेदनशीलता को रेखांकित किया है। उपर्युक्त आकलन के अनुसार, ईरान के पास कम दूरी की मिसाइलें, लांचर और मिसाइल तैयार करने की अवस्थापना और फारस की खाड़ी में एक दर्जन अमेरिकी ठिकनों पर मार करने की क्षमता वाला मिसाइल सिस्टम है। इन ठिकानों पर दस हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इन तथ्यों से अमेरिका की चिंता बढ़ गई है कि ईरान के पास जवाबी हमला की प्रभावी क्षमता है।

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