ईरान ने ब्रिक्स मंच पर AI, साइबर सुरक्षा, हरित अर्

ब्रिक्स मंच पर ईरान का बड़ा प्रस्ताव, AI, हरित अर्थव्यवस्था और व्यापार मानकीकरण पर सहयोग की वकालत

BRICS: Iran Proposes AI Partnership

नई दिल्ली: ईरान की उपराष्ट्रपति और ईरान के राष्ट्रीय मानक संगठन (INSO) की प्रमुख फरज़ानेह अंसारी ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कार्बन उत्सर्जन में कमी और व्यापार मानकीकरण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे। इन पहलों का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों, हरित अर्थव्यवस्था और व्यापार प्रक्रियाओं में सामंजस्य को बढ़ावा देना है।

ब्रिक्स बैठक में रखे गए तीन अहम प्रस्ताव

भारत में ईरानी दूतावास ने बताया कि बेंगलुरु में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय मानक निकायों के प्रमुखों की बैठक में अंसारी ने ईरान की ओर से व्यापक प्रस्तुति दी। दूतावास के अनुसार, यह बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय मानक निकायों के प्रमुखों को तकनीकी सहयोग बढ़ाने, साझा मानकों के विकास, गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत करने, व्यापार को सुगम बनाने और मानकीकरण में सहयोग से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) के मसौदे की समीक्षा के लिए एक मंच प्रदान करती है।

AI और साइबर सुरक्षा पर साझा मानकों की पैरवी

अंसारी ने कहा कि ईरान ने बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के लिए तीन प्रस्ताव एमओयू में शामिल करने की सिफारिश की, जिनका प्रतिभागियों ने स्वागत किया और उन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहला प्रस्ताव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन के क्षेत्रों में साझा मानकों के विकास से जुड़ा है। अंसारी ने कहा, "ये क्षेत्र दुनिया भर के देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से हैं और सामान्य मानकों का विकास ब्रिक्स सदस्यों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।"

हरित अर्थव्यवस्था और कार्बन उत्सर्जन में कमी पर जोर

ईरान का दूसरा प्रस्ताव कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित अर्थव्यवस्था और स्थिरता रिपोर्टिंग के लिए मानकीकरण से संबंधित था। उन्होंने सुझाव दिया कि सतत विकास के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए इस विषय को भी समझौता ज्ञापन का हिस्सा बनाया जाए।

व्यापार को आसान बनाने के लिए तीसरी पहल

अंसारी ने बताया कि तीसरा प्रस्ताव ब्रिक्स सदस्य देशों के निरीक्षण और मानकीकरण निकायों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता से संबंधित है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं में सामंजस्य स्थापित करना और सदस्य देशों के बीच व्यापार को अधिक सरल एवं सुगम बनाना है।

सहयोग बढ़ने की जताई उम्मीद

अंसारी ने उम्मीद जताई कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और सभी सदस्य देशों के समर्थन से मानकीकरण में सहयोग बढ़ाने, गुणवत्ता अवसंरचना को मजबूत करने और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

ANI

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