कारगिल विजय दिवस: 'पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है'
द्रास (लद्दाख): 'कारगिल कप्तान' के नाम से मशहूर एससी भंडारी ने शनिवार को कहा कि 1999 से ही कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को याद करने और उनके परिवारों तक यह संदेश पहुंचाने के लिए जागरूकता और प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
'1999 से चला रहे हैं प्रेरणा अभियान'
द्रास में कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम के दौरान एएनआई से बातचीत में भंडारी ने कहा, "हम 1999 से ही यह जागरूकता और प्रेरणा कार्यक्रम चला रहे हैं। हम कारगिल युद्ध को याद करते हैं क्योंकि हमने अपने प्रियजनों को खोया है। हम उनके परिवारों को यह संदेश देना चाहते थे कि पूरा देश उनके साथ है।"
युवाओं को शहीदों के बलिदान से प्रेरित करने की पहल
सेवानिवृत्त मेजर एन. रघुराम रेड्डी ने कहा कि यह कार्यक्रम हर साल कारगिल युद्ध के वीरों को श्रद्धांजलि देने और खासकर युवाओं को उनके बलिदान की याद दिलाने के लिए आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा, "हर साल हम यहां आकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि देते हैं। हमारा उद्देश्य युवाओं और दुनिया भर के लोगों तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश के लिए दिए गए इन बलिदानों को कभी नहीं भुलाया जा सकता।"
'कन्याकुमारी से कारगिल तक चल रहा जागरूकता अभियान'
रेड्डी ने बताया कि इस संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए कन्याकुमारी से लेकर कारगिल तक जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। सेवानिवृत्त मेजर हेमेंद्र ने कहा कि कारगिल युद्ध की यादें आज भी उनके मन में ताजा हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में युद्ध लड़ने वाले अधिकारियों और जवानों का साहस आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा, "27 साल पहले की घटनाएं आज भी मेरे मन में ताजा हैं। कारगिल युद्ध के अगले ही साल मुझे कमीशन मिला था और उसी युद्ध ने मुझे सेना में शामिल होने की प्रेरणा दी। 20-22 साल की उम्र में जिस बहादुरी से जवानों ने लड़ाई लड़ी, उसे याद कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। भारतीय युवाओं के लिए इससे बड़ी प्रेरणा कोई नहीं हो सकती।"
27वें कारगिल विजय दिवस से पहले श्रद्धांजलि कार्यक्रम
यह कार्यक्रम 27वें कारगिल विजय दिवस से पहले आयोजित किया गया, जो 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत और सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति में मनाया जाता है। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सशस्त्र बलों को छद्म युद्ध और घुसपैठ जैसी सुरक्षा चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी दिया। खराब मौसम के बावजूद रक्षा मंत्री श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए द्रास पहुंचे और जोजिला दर्रे पर तैनात सैनिकों से भी मुलाकात की। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भी उनके साथ मौजूद रहे।
कारगिल विजय दिवस का महत्व
27वां कारगिल विजय दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने लगभग तीन महीने तक चले भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों के कब्जे से रणनीतिक पर्वत चोटियों को दोबारा अपने नियंत्रण में लिया।
(एएनआई)
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