पंजाब की तीर्थ यात्रा बसों की सुरक्षा जांच को लेकर

पंजाब की तीर्थ यात्रा बसों की जांच पर केजरीवाल और NHRC आमने-सामने, सुरक्षा मानकों पर छिड़ा विवाद

Kejriwal and NHRC Clash Over Safety Checks on Punjab Pilgrimage Buses

नई दिल्ली (भारत)। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत इस्तेमाल होने वाली बसों की सुरक्षा जांच को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को केजरीवाल ने आरोप लगाया कि आयोग केवल पंजाब की तीर्थ यात्रा बसों को निशाना बना रहा है, जबकि अन्य राज्यों की बसों की जांच नहीं की जा रही है। वहीं, NHRC ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए बसों में यात्री सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया।

केजरीवाल ने NHRC की जांच के उद्देश्य पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आयोग की जांच के इरादे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NHRC ने अपने इतिहास में पहली बार बसों की जांच की है और इसके लिए पंजाब की उन सुपर डीलक्स बसों को चुना गया, जिनमें बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर ले जाया जाता है। केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या आयोग ने उत्तर प्रदेश रोडवेज या किसी अन्य राज्य की परिवहन बसों की भी जांच की है।

उन्होंने कहा कि केवल पंजाब की तीर्थ यात्रा बसों की जांच करना पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा रोकने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को पंजाब के लोगों और वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा सुविधा से जोड़कर सवाल उठाए।

बसों की सुरक्षा को लेकर शिकायत में क्या कहा गया?

NHRC ने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में इस्तेमाल की जा रही AC स्लीपर बसों के संबंध में मिली शिकायत पर संज्ञान लिया था। इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को तीर्थ यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है। शिकायत में बसों में कथित तौर पर बिना अनुमति संरचनात्मक बदलाव किए जाने का मुद्दा उठाया गया है।

शिकायत के मुताबिक, ड्राइवर के केबिन और यात्रियों के हिस्से के बीच पार्टीशन और दरवाजे लगाए गए हैं। इसके अलावा, आपातकालीन निकास और खिड़कियों के बाधित होने तथा आग का पता लगाने, आग बुझाने और आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने की व्यवस्थाओं में कमियों का आरोप लगाया गया है।

NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने केजरीवाल पर किया पलटवार

केजरीवाल के आरोपों पर NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "डरो मत, अरविंद! हमने अभी तक उन कमीशनों की जांच शुरू नहीं की है जो आपको इन बसों को चलाने से मिल रहे हैं।"

कानूनगो ने आयोग की जांच का बचाव करते हुए कहा कि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT), पुणे द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार, स्लीपर बसों में ड्राइवर और यात्रियों के बीच पार्टीशन होना खतरनाक है। उन्होंने इसे यात्री सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

CIRT ने पार्टीशन को बताया सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक

प्रियांक कानूनगो के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में देशभर में स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं में कई लोगों की जान गई है। इन घटनाओं की जांच के दौरान CIRT पुणे ने बताया कि ड्राइवर और यात्रियों के बीच पार्टीशन होना सुरक्षा दिशानिर्देशों के खिलाफ है।

कानूनगो ने एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बस के पिछले हिस्से में आग लग गई थी, लेकिन ड्राइवर को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए बसों में सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति में समय पर जानकारी मिलने की व्यवस्था की अहमियत बताई।

NHRC का दावा, देशभर में 1,000 से अधिक बसों पर कार्रवाई

NHRC सदस्य ने कहा कि आयोग की कार्रवाई केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में असुरक्षित बसों के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, पिछले एक साल में विभिन्न राज्यों में 1,000 से अधिक असुरक्षित बसों को परिचालन से हटाया गया है या उनमें आवश्यक बदलाव किए गए हैं।

कानूनगो ने कहा कि आयोग ऐसी बसों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ बसों पर सख्त प्रतिबंध भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कानूनगो ने केजरीवाल से बस यात्रा सुरक्षित बनाने की अपील की

NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने केजरीवाल की आलोचना करते हुए उन पर कमीशन और मनमानी के लिए नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन होना चाहिए और यात्रियों की जान को जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए।

कानूनगो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अव्यवस्था और मनमानी के कारण किसी नागरिक की जान खतरे में पड़ती है, तो संबंधित लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह पंजाब की तीर्थ यात्रा बसों की सुरक्षा जांच का मुद्दा केजरीवाल और NHRC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

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