E20 पर केजरीवाल का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोले- गन्ने से इथेनॉल बनाया, अब चीनी आयात की नौबत
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को गन्ने से इथेनॉल बनाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे चीनी की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से अनपढ़ लोगों द्वारा चलाई जा रही है।
गन्ने से इथेनॉल पर केजरीवाल का सरकार पर निशाना
केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए उन्होंने गन्ने से इथेनॉल बनाना शुरू किया। नतीजतन, चीनी की कमी हो गई है। अब वे उसी विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल करके चीनी आयात करेंगे।" सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, "यह सरकार पूरी तरह से अनपढ़ लोगों द्वारा चलाई जा रही है। किसी को नहीं पता कि अगर वे कुछ करते हैं तो क्या होगा।"
E20 नीति को लेकर केजरीवाल ने फिर उठाए सवाल
केजरीवाल E20 ईंधन के खिलाफ पार्टी के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं और पहले भी इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को अपनी चिंताएं जाहिर करने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में सरकार पर अपनी E20 नीति की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया कंटेंट को हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में बात करना चाहते हैं कि देश में E20 ईंधन नीति कैसे लागू की जा रही है।
राजनीतिक चुटकुले से कसा तंज
अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो पोस्ट में चुटकुला सुनाते हुए कहा, "जंगल में छोड़े गए शेर को खोजने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी की पुलिस फोर्स के बीच एक प्रतियोगिता आयोजित की गई।" उन्होंने कहा कि जहां "ट्रंप की पुलिस 24 घंटे में और पुतिन की पुलिस एक घंटे में शेर को ले आई, वहीं मोदी जी की पुलिस फोर्स को कई दिन लग गए और तलाशी के दौरान पता चला कि वे एक कुत्ते को पकड़े हुए थे, उसको पीटते हुए कहलवा रहे थे- बोलो 'मैं शेर हूं'।" मोदी जी ने देश का यही हाल कर दिया है।
E20 के खिलाफ आवाज दबाने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा, "140 करोड़ लोगों पर दबाव डाला जा रहा है और उनसे यह कहने को कहा जा रहा है कि E20 सही है।" उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "जो भी E20 के खिलाफ आवाज उठाता है उसका पेज हटा दिया जाता है, उसका वीडियो डिलीट कर दिया जाता है। उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है। आप 140 करोड़ लोगों को कैसे दबाएंगे?" AAP ने इथेनॉल-मिश्रित ईंधन से जुड़ी चिंताओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। पार्टी का कहना है कि ईंधन की गुणवत्ता और वाहन की अनुकूलता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। लोगों को पेट्रोल स्टेशन पर ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए, जिसमें पारंपरिक पेट्रोल भी शामिल हो।
सरकार ने दी सफाई और माइलेज तर्क
सरकार ने शनिवार को कहा कि वाहन के माइलेज में बदलाव के लिए अकेले E20 पेट्रोल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि असल दुनिया में ईंधन की खपत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें ड्राइविंग की आदतें, ट्रैफिक की स्थिति, वाहन का रखरखाव, टायर का दबाव और एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल शामिल हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि E20 का व्यापक परीक्षण और सत्यापन किया गया है। साथ ही उन कई कारकों पर भी प्रकाश डाला गया जो वाहन के माइलेज को तय करते हैं। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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