CEC के खिलाफ 'जन-महाभियोग' लाएगा विपक्ष, खड़गे ने पीएम मोदी को दी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि विपक्ष शुक्रवार को 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ "जन-महाभियोग" लाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे संसद भंग करके बैलेट पेपर से चुनाव करवाएं।
लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
खड़गे ने ANI से बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त का आचरण और लोकतांत्रिक मानदंडों को तहस-नहस करने की योजना सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर चल रही है। उन्होंने कहा कि देश के हर लोकतांत्रिक मूल्य को कमजोर किया जा रहा है, जिसके खिलाफ सांसद एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे।
खड़गे ने तल्ख तेवर में कहा, "वे बैलेट पेपर की मांग का मजाक उड़ा रहे हैं। तो फिर ऐसा करके दिखाएं! अगर आपमें हिम्मत है, तो संसद भंग करें और बैलेट पेपर से चुनाव करवाएं।"
महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाना
कांग्रेस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि छोटे-मोटे चुनावों की जीत से आम जनता की परेशानियां हल नहीं होने वाली हैं। आज देश की जरूरत है कि महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर खुली चर्चा हो, न कि राजनीतिक बयानबाजी पर। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि एक समय था जब संसद में बीजेपी की केवल दो सीटें थीं, तो क्या जनता को वही पुराना दौर बार-बार याद दिलाते रहना चाहिए?
वृंदा करात का पीएम मोदी पर पलटवार
उधर, सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने भी प्रधानमंत्री मोदी के बैलेट पेपर वाले बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वाराणसी और नागपुर के हालिया विधान परिषद (MLC) चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को पहले यह बताना चाहिए कि क्या बैलेट पेपर से हुए चुनावों में बीजेपी उनके अपने गृह क्षेत्र वाराणसी में दो एमएलसी सीटें नहीं हारी थी? इसके अलावा आरएसएस के गढ़ नागपुर में भी संघ समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था।
करात ने कहा, "प्रधानमंत्री जी, इतना अहंकार न करें। जीत हासिल करने के लिए चुनावी व्यवस्था में हेरफेर जैसे तानाशाही और हताश कदम न उठाएं। जनता सब देख रही है और करारा जवाब देना जानती है।"
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा राजनीतिक घमासान तब शुरू हुआ जब एनडीए ने कर्नाटक विधान परिषद की सभी चार सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए लिखा था कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में बैलेट पेपर से हुए 28 एमएलसी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। इसी बयान के बाद से विपक्ष आक्रामक मुद्रा में है। (इनपुट: ANI)
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