दिल्ली में जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ जंतर-मंतर पर बड़ी भीड़, पुलिस और केंद्रीय बल तैनात
नई दिल्ली (भारत)। शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। प्रदर्शनकारी निर्धारित विरोध स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद मौके पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी बढ़ गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस की तैनाती एहतियाती कदम के तौर पर की गई।
आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने जाति-आधारित मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ मांगें उठाईं। उन्होंने आरक्षण नीति की समीक्षा किए जाने की मांग की। इससे पहले शुक्रवार को भी छोटे-छोटे समूहों में लोग प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। यह गतिविधि ऐसे समय हुई जब दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात स्पष्ट की थी।
जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा बढ़ी
प्रस्तावित सभा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स लगाए और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की भी मौके पर तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य बड़े जमावड़े के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। प्रदर्शनकारियों के निर्धारित विरोध स्थल पर जमा होने के दौरान सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति से किया था इनकार
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को स्पष्ट किया था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधारों के मुद्दे पर किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने का दावा करने वाले वीडियो को "झूठा और भ्रामक" बताया था। पुलिस ने कहा था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है। साथ ही, नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163, जो पहले CrPC की धारा 144 थी, के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू होने की जानकारी दी गई थी।
पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि प्रदर्शन की कथित अनुमति से जुड़ी बिना पुष्टि वाली जानकारी को न बढ़ाएं, न आगे भेजें और न ही उस पर भरोसा करें। पुलिस के अनुसार, इसके तहत विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों की सभा पर सख्ती से रोक है। फर्जी खबर बनाने या फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद सामने आया मामला
दिल्ली पुलिस की यह सफाई उस समय सामने आई जब एक संगठन के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर "शांतिपूर्ण विरोध" का पोस्टर साझा किया था। इस पेज के 5.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और पोस्टर में 21 अगस्त को दोपहर 2 बजे लोगों से सभा में शामिल होने की अपील की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरक्षण सुधारों को लेकर प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने के दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे। इसी के बाद पुलिस ने अनुमति से संबंधित दावों को लेकर अपना स्पष्टीकरण जारी किया।
'रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन' ने किया था आह्वान
यह घटनाक्रम इंस्टाग्राम पर मौजूद "रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन" नाम के पेज की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद सामने आया। पेज ने जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रत्यक्ष प्रदर्शन का आह्वान किया था। ANI की खबर के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-जुटाव के तरीकों को अपनाकर तेजी से लोकप्रियता हासिल की और अब आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रत्यक्ष विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का जोर
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बीच दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी रही। पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि 21 अगस्त को आरक्षण सुधारों के मुद्दे पर प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के मद्देनजर पुलिस ने बिना पुष्टि वाली सूचनाओं को प्रसारित नहीं करने की सलाह दी थी। (Source: ANI)
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